देवघर श्रावणी मेला: श्रद्धालुओं को शुद्ध भोजन, होटल-ढाबा संचालकों के लिए कड़े नियम लागू; FSSAI लाइसेंस अनिवार्य
खाद्य सुरक्षा विभाग ने देवघर श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध भोजन सुनिश्चित करने हेतु 16-सूत्रीय गाइडलाइन जारी की है। ...और पढ़ें
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HighLights
श्रावणी मेला में खाद्य सुरक्षा विभाग की 16-सूत्रीय गाइडलाइन।
होटल, ढाबा संचालकों को FSSAI लाइसेंस अनिवार्य।
अखबार या प्लास्टिक में गर्म खाद्य सामग्री परोसना प्रतिबंधित।
जागरण संवाददाता, देवघर। श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने आने वाले श्रद्धालुओं को ना केवल शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण बल्कि स्वच्छ वातावरण में खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध हो सके।
अक्सर देखा जाता है कि मानकों की अनदेखी की वजह से श्रद्धालुओं को सही खाने-पीने की चीजें उपलब्ध नहीं हो पाती है। जिस वजह से कांवरियों को डायरिया सहित अन्य कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
इसको लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की विशेष नजर रहेगी। साथ ही विभाग की ओर से संपूर्ण मेला क्षेत्र में सभी स्थायी व अस्थायी होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय और ढाबा संचालकों के लिए 16 बिंदुओं वाली गाइडलाइन जारी की है। ताकि विभाग द्वारा जारी निर्देश का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को खाने-पीने की चीजों को लेकर परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
वैध लाइसेंस से ही संचालित कर सकेंगे खाद्य प्रतिष्ठान
विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, पंजीकरण अनिवार्य होगा। इस लाइसेंस या पंजीकरण की प्रति सहित क्यूआर कोड प्रतिष्ठान में प्रदर्शित करना होगा, ताकि खाद्य सामग्री से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत उपभोक्ता आसानी से क्यूआर कोड स्कैन कर सकें।
लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें खाद्य सामग्री
कच्चा खाद्य सामग्री केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से खरीदने। साथ ही खरीदारी की गई सामग्री का पूरा रिकार्ड रखें। साथ ही तले भुने हुए गर्म खाद्य सामग्री (समोसा, पकौड़ा, जलेबी, कचरी, बरा, ढुसका) आदि को अखबार, प्रिंटेड पेपर या प्लास्टिक में ना दें। यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है। साथ ही स्ट्रीट फूड वेंडरों को बिक्री की जाने वाली खाद्य सामग्री को ढक कर रखने और वैद्य लाइसेंस के साथ ही व्यवसाय करने को कहा गया है।
पैकेट बंद खाद्य सामग्री की करें लें जांच
पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी, बैच नंबर व पोषण संबंधी जानकारी की जांच कर लें। साथ ही प्रतिष्ठान में काम करने के दौरान एप्रन, ग्लव्स, मास्क और हेयर नेट पहनें और प्रतिष्ठान में ढक्कन युक्त डस्टबिन रखें। इसके अलावा रसोई और बर्तनों की नियमित सफाई एवं स्टरलाइजेशन, दूध व पनीर जैसे उत्पाद अधिकृत विक्रेताओं से ही लेने, स्ट्रीट फूड को ढककर रखें।
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शाकाहारी व मांसाहारी की अलग रहे व्यवस्था
गाइडलाइन के तहत सभी प्रतिष्ठानों में नियमित पेस्ट कंट्रोल, शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने, रसोई में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था, ग्राहकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने तथा भोजन बनाने में उपयोग होने वाले पानी की एफएसएसएआई, एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से जांच कराने का निर्देश दिया गया है।
ग्राहकों को मुफ्त में स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध कराएं । मांगे जाने के बाद ही बोतल बंद पानी ग्राहकों को दें। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद्य सामग्री की बिक्री करें।
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सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर एफएसएस अधिनियम-2006 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार शर्मा , खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी