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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'गुजरातियों की नजर झारखंड पर, इसलिए...' ED की कार्रवाई पर भड़के पूर्व स्पीकर; बोले- जरूरत पड़ी तो बाहरी को घुसने नहीं देंगे

    By Kanchan Saurabh Mishra Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Sun, 21 Jan 2024 04:28 PM (GMT+05:30)

    शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से वन भोज व कार्यकर्ता सम्मेलन किया गया। हजारों की संख्या में सारठ के लोगों का जुटान कार्यक्रम में शामिल हुए। इस ...और पढ़ें

    'गुजरातियों की नजर झारखंड पर, इसलिए...' ED की कार्रवाई पर भड़के पूर्व स्पीकर;
    'गुजरातियों की नजर झारखंड पर, इसलिए...' ED की कार्रवाई पर भड़के पूर्व स्पीकर;

    HighLights

    1. हेमंत है तो हिम्मत है और ईडी को हेमंत से क्या दिक्कत है- शशांक शेखर भोक्ता
    2. क्यों दिल्ली-गुजरात के लोग चाह रहे कि हेमंत सरकार गिर जाए- शशांक शेखर भोक्ता

    संवाद सूत्र, पालोजोरी (देवघर)। फुलजोरी पहाड़ के तलहटी में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से वन भोज व कार्यकर्ता सम्मेलन किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में सारठ विधानसभा क्षेत्र के लोगों का जुटान हुआ।

    पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हेमंत है तो हिम्मत है और ईडी को हेमंत से क्या दिक्कत है। केंद्र सरकार को क्या दिक्कत है। हमारा झारखंड है। हमलोगों ने इसे लड़कर लिया है। हेमंत सरकार राज्य को अच्छी तरह से चला रहे हैं।

    क्यों दिल्ली के लोग, गुजरात के लोग, क्यों चाह रहे हैं कि झारखंड सरकार गिर जाए। वे चाहते हैं कि आदिवासी शासन खत्म हो जाए। इसलिए कि यहां लोहा, कोयला, सोना और अभरक से भरा हुआ है। सभी की नजर व गुजरातियों की नजर हमारी झारखंड की खनिज संपदा पर है और हेमंत के रहते यह लूट हो नहीं सकती। इसलिए, यह लोग बार-बार कोई तरीका लगाकर हेमंत को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।

    झारखंड मुक्ति मोर्चा में हमलोगों ने 1990 से आंदोलन किया

    आज रांची में सड़कों पर लोग भरे है। जरूरत पड़ी तो हम लोग भी सड़क पर आकर आंदोलन करेंगे, लेकिन किसी भी बाहरी को झारखंड में घुसने नहीं देंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा में हमलोगों ने 1990 से आंदोलन किया। जंगलों में भागे, जेल गए। अब यहां नए-नए लोग आए हैं जिन्होंने कभी झारखंड आंदोलन का स्वर भी नहीं सुना है। वे लोग अभी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बन बैठे हैं। वह आजकल हमें बता रहे हैं कि वन भोज नहीं होना चाहिए।

    उन्होंने सारठ विधायक रणधीर सिंह व झामुमो पार्टी के भूपेन सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि वन भोज व कार्यकर्ता सम्मेलन में लोगों की भीड़ कम हो, इसके लिए रात भर लोगों को समझाया गया कि कार्यक्रम में शामिल न हो पाए, लेकिन हमारे लोग कार्यक्रम में पहुंचे। कहा कि सिर्फ ठेकेदारी से काम नहीं चलेगा। पार्टी की मजूबती के लिए काम करना पड़ेगा।

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    इन लोगों ने भी रखी अपनी बातें

    हमलोग चाहते हैं कि एकता बनी रहे। झामुमो मजबूत हो। हेमंत सरकार राज्य के विकास के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं चल रही है। हमारी योजना हमारी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम से सभी लोग लाभान्वित हुए है। वहीं, प्रशांत शेखर, कुंजबोना मुखिया लाल किशोर सोरेन, अख्तर अंसारी सहित अन्य ने अपनी अपनी बात रखी। मौके लालू आलम, महताब अंसारी, मो. इंताज, इंतियाज अंसारी समेत हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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