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    हावड़ा-रांची से देवघर का सफर अब आसान, जसीडीह स्टेशन जाने से मिलेगा छुटकारा

    Updated: Fri, 24 Apr 2026 03:39 PM (IST)

    जसीडीह रेल बाईपास का काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा, जिससे देवघर से मधुपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन नहीं जाना पड़ेगा। ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    HighLights

    1. जसीडीह रेल बाईपास का काम सितंबर तक पूरा

    2. देवघर से मधुपुर सीधे जुड़ेगा, जसीडीह स्टेशन से छुटकारा

    3. यात्रा समय बचेगा, ट्रेनों की संख्या बढ़ने के आसार

    जागरण संवाददाता, देवघर। एक जमाने से देवघर को संताल परगना का गेट वे कहा जाता है। कारण रेल यातायात में जसीडीह जंक्शन हावड़ा-दिल्ली रेलखंड का मुख्य स्टेशन है। जसीडीह स्टेशन पर उतर कर यात्री द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ के शहर देवघर आते हैं।

    जसीडीह से देवघर की सड़क मार्ग से दूरी सात किलोमीटर है। जसीडीह स्टेशन आज अमृत भारत स्टेशन में शामिल होकर सात सौ करोड़ रुपये से समृद्ध हो रहा है। पहले संताल परगना के लोगों का एकमात्र स्टेशन जसीडीह होता था। बाद में देवघर में एक नया रेलवे स्टेशन बना।

    मोदी शासनकाल आया और जब पीएम गति शक्ति योजना अस्तित्व में आया तब सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के प्रयास से योजना का पहला लाभ मोहनपुर से हंसडीहा के बीच नयी रेल लाइन बिछाने का काम हुआ।

    जिससे देवघर-गोड्डा के बीच एतिहासिक ट्रेन का सफर शुरू हो सका। मोदी सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति और सांसद के सतत प्रयास से एक नहीं दो दो रेल बाईपास स्वीकृत हुए। जिसमें एक जसीडीह और दूसरा मधुपुर रेल बाईपास है। जसीडीह रेल बाईपास का काम जिस गति से हो रहा है वह सितंबर तक पूरा हो जाएगा।

    देवघर स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद रेल बाईपास से सीधे मधुपुर

    संताल परगना के दुमका, गोड्डा या बिहार के बांका, कटोरिया की ओर से आने वाली ट्रेन जिसे मधुपुर के रास्ते रांची, धनबाद, आसनसोल, हावड़ा जाना है, उसे जसीडीह स्टेशन जाने की दरकार नहीं रह जाएगी।

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    रेल बाईपास के बनते ही देवघर स्टेशन से चलने के बाद सभी ट्रेन रोहणी के रास्ते शंकरपुर, मथुरापुर स्टेशन होते मधुपुर चली जाएगी। पहले हर ट्रेन को जसीडीह स्टेशन जाकर इंजन का रिवर्सल होता था। इसमें हर एक ट्रेन को अमूमन एक घंटा का अतिरिक्त समय लगता था। एक तो प्लेटफार्म ब्लाक, दूसरा यात्री को परेशानी।

    ट्रेनों की संख्या बढ़ने के आसार

    रेल बाईपास के बनने से जसीडीह स्टेशन पर ट्रेन का दबाव घटेगा। ट्रैक खाली रहेगा तो नयी ट्रेन देने का रास्ता खुलेगा। मुख्य रेलखंड की ट्रेनों का समय बचेगा। ट्रैफिक लोड जसीडीह स्टेशन पर घटेगा। एक साथ कई सुविधाएं बढ़ जाएगी। सिर्फ यात्री को राहत नहीं होगी, रेल सिस्टम को भी समय मिलेगा।

    देवघर स्टेशन के आगे बनेगा लिंक केबिन

    देवघर स्टेशन के आगे एक लिंक केबिन बनेगा। इससे आमजन को कोई लेना देना नहीं है। यह रेलवे की अपनी व्यवस्था होती है। जहां से रेलगाड़ी जसीडीह जाने के बजाय मधुपुर की ओर रेल बायपास से उस ट्रैक पर मुड़ जाएगी।

    अब तक जो कार्य हुए हैं उसमें जसीडीह थाना रोड जो कल तक ब्लॉक था, ट्रैक बिछाने के लिए चट्टान को काटा जा रहा था। वह कार्य हो जाने से रास्ता खोल दिया गया है। यहां पर उपर सड़क है और नीचे से ट्रैक गुजर रहा है। बहुत तेजी से सारा कार्य हो रहा है।

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