Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    देवघर श्रावणी मेला: शिवगंगा में 24 घंटे तैनात रहेगी NDRF की टीम, दो औषधि निरीक्षक मेला क्षेत्र में रहेंगे तैनात

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 09:01 PM (IST)

    देवघर में 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ की टीम शिवगंगा में 24 घंटे तैनात रहेगी। इसके साथ ही, ...और पढ़ें

    शिवगंगा में तीन पालियों में एनडीआरएफ के जवान करेंगे ड्यूटी।

    शिवगंगा में तीन पालियों में एनडीआरएफ के जवान करेंगे ड्यूटी।

    संवाद सूत्र, देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगा। मेले के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किया है। बाबा मंदिर स्थित शिवगंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी।

    इससे श्रद्धालु अधिक सुरक्षित माहौल में शिवगंगा में आस्था की डुबकी लगा सकेंगे। बंगला सावन की शुरुआत के साथ ही 17 जुलाई से नेपाल, भूटान, सिक्किम, ओडिशा, असम और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों एवं देशों से श्रद्धालुओं का देवघर पहुंचना शुरू हो गया है।

    वहीं 30 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले लाखों कांवड़ियों के आगमन के साथ पूरा देवघर शिवमय हो चुका है। शहर की गलियों में 'बोल बम' के जयघोष गूंज रहे हैं और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।

    श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा शिवगंगा और बाबा मंदिर परिसर में किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए एनडीआरएफ की विशेष टीम तैनात रहेगी।

    खबरें और भी

    एनडीआरएफ के पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि इस वर्ष एनडीआरएफ की नौवीं बटालियन की चार्ली टीम डिप्टी कमांडेंट विनय कुमार के नेतृत्व में श्रावणी मेले के दौरान अपनी सेवाएं देगीं। टीम में प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ अत्याधुनिक बचाव उपकरण उपलब्ध रहेंगे।

    इसमें रेस्क्यू बोट, आक्सीजन सिलेंडर, लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वाय , वायरलेस संचार व्यवस्था समेत अन्य आवश्यक संसाधन शामिल है। उन्होंने बताया कि बाबा मंदिर और शिवगंगा क्षेत्र में एनडीआरएफ की 10 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम दिन-रात 24 घंटे तैनात रहेगी।

    पूरी टीम में अधिकारी सहित 35 प्रशिक्षित जवान, चार रेस्क्यू बोट, 50 लाइफ जैकेट, 50 लाइफ ब्वाय, आठ से अधिक आक्सीजन सिलेंडर तथा अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध रहेंगे। जवानों की तैनाती तीन पालियों में की जाएगी, ताकि 24 घंटे सतर्क निगरानी और त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।

    टीम लगातार जिला प्रशासन के संपर्क में रहेगी तथा सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग करेगी। वहीं एनडीआरएफ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संयम बनाए रखें।

    किसी भी दुर्घटना या परेशानी की स्थिति में तुरंत ड्यूटी पर तैनात पुलिस अथवा एनडीआरएफ कर्मियों को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

    स्वास्थ्य शिविरों की भी जांच को दो औषधि निरीक्षक मेला क्षेत्र में रहेंगे तैनात

    बाबाधाम आने वाले शिव भक्तों को गुणवत्ता युक्त दवा उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं। औषधि निरीक्षक चंदन प्रसाद कश्यप व राजेश शर्मा की टीम की निगाह रहेगी। संपूर्ण मेला क्षेत्र में ना केवल अस्थायी दुकान बल्कि स्थायी दवा दुकान सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित स्वास्थ्य शिविरों की भी जांच करेंगे।

    साथ ही इन शिविरों में दवा की उपलब्धता के अलावा आवश्यकतानुसार दवा की भी जांच की जाएगी। वहीं दवा की इस्तेमाल अवधि (एक्सपायरी डेट) सहित नकली दवाओं पर विशेष रूप से नजर रखी जाएगी। इसके अलावा निजी स्तर पर लगाए गए शिविरों में दवा की उपलब्धता और गुणवत्ता की जांच की जाएगी।

    जांच के दौरान मानकों के अनुरूप बिक्री नहीं करने, गुणवत्ताविहीन दवा मिलने पर संबंधित स्थायी, अस्थायी दुकान सहित स्वास्थ्य शिविरों के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। तैयार रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा।

    वहीं थोक विक्रेताओं की भी जांच की जाएगी। ताकि यह पता लग सके कि थोक विक्रेताओं द्वारा गुणवत्तायुक्त दवा की सप्लाई की जाती है या नहीं। सरकारी भंडार केंद्र की जांच की जाएगी। दवा का रख-रखाव सहित तमाम बातों की बातें की जांच की जाएगी।

    श्रद्धालुओं को उनकी शारीरिक परेशानी से संबंधित गुणवत्तायुक्त दवा मुहैया कराया जा रहा है कि नहीं, इसकी लगातार जांच की जाएगी। जांच अस्थायी, स्थायी, खुदरा, थोक, शिविर सहित भंडार की भी जांच की जाएगी। जांच के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर तैयार रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा।

    यह भी पढ़ें- देवघर श्रावणी मेला की तैयारियां पूरी, 29 जुलाई से उमड़ेगा आस्था का सैलाब; इस बार क्या रहेगा खास