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    देवघर श्रावणी मेला 2026: अब हर साल नहीं बनेंगे टेंट और पंडाल, देवघर-बासुकीनाथ मेला की बुनियादी संरचनाएं होंगी स्थायी

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 06:25 PM (GMT+05:30)

    पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें देवघर-बासुकीनाथ फोर लेन सड़क मेला से पहले पूरी होने और अस्थाई सुविधाओं ...और पढ़ें

    देवघर श्रावणी मेला: स्थायी होंगी सुविधाएं, कांवरिया पथ पर बिछेगा गंगा का महीन बालू।

    देवघर श्रावणी मेला: स्थायी होंगी सुविधाएं, कांवरिया पथ पर बिछेगा गंगा का महीन बालू।

    HighLights

    1. श्रावणी मेला की अस्थाई संरचना अब स्थायी बनाई जाएगी।

    2. देवघर-बासुकीनाथ फोर लेन सड़क मेला से पहले पूरी होगी।

    3. कांवरिया पथ पर गंगा का महीन बालू बिछाया जाएगा।

    जागरण संवाददाता, देवघर। विश्व विख्यात आध्यात्मिक नगरी देवघर को मेला का शहर कहा जाता है। साल में पांच प्रमुख मेला है जब एक लाख से अधिक भक्त जलार्पण करते हैं। उसमें सबसे लंबे अवधि का मेला श्रावणी मेला होता है। जो एक महीना तक चलता है।

    राज्य सरकार होल्डिंग प्वाइंट, क्यू कोरिडोर, शौचालय और पुलिस बल आवासन, टीओपी का अस्थायी निर्माण करती है। अब सरकार इसे स्थायी स्वरूप देने पर विचार कर रही है। राजकीय श्रावणी मेला 31 जुलाई से शुरू हो रहा है।

    साेमवार को परिसदन के सभागार में समीक्षा बैठक के बाद पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार श्रावणी मेला की अस्थाई आधारभूत संरचना को स्थाई बनाने पर विचार कर रही है। कांवरिया पथ पर गंगा का महीन बालू बिछाया जाएगा।

    देवघर-बासुकीनाथ धाम के बीच बन रहा फोरलेन भी मेला से पहले पूरा हो जाएगा। इसके लिए एनएचएआइ के पदाधिकारी ने आश्वस्त किया है। तीन मई की बैठक में आवंटन और निविदा की प्रक्रिया पर जो चर्चा की गयी थी उसमें प्रगति हुई है।

    मेला से जुड़े कार्य का 90 फीसद निविदा निकाल दी गयी है। सरकार से समय पर सभी विभागों को आवंटन मिल जाए इसके लिए वह राज्य मुख्यालय में समन्वय बनाने का काम करेंगे। जानकारी हो कि श्रावणी मेला में हर साल अस्थायी इंतजाम किए जाते हैं। मसलन अस्थाई शेड, शौचालय, होल्डिंग प्वाइंट व पुलिस बल के आवासन को बड़ा बड़ा पंडाल।

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    यही कारण है कि शौचालय काम्प्लेक्स के लिए स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। जगह गह बनने वाले होल्डिंग प्वाइंट की संरचना भी अब स्थायी होगी। जिस तरह नेहरू पार्क के निकट इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम का स्थायी भवन है।

    बता दें कि श्रावणी मेला में खोया-पाया व्यक्ति की पहचान के लिए आधार का उपयोग किया जा सकता है। पर्यटन विभाग इस पर विचार कर रहा है। तिरूपति के तर्ज पर शहर में आधुनिक कैमरा लगाए जाएंगे। इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम को और अधिक आधुनिक बनाया जाएगा।

    बैठक में देवघर और बासुकीनाथ धाम मेला की तैयारियों की समीक्षा से पहले देवघर उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और दुमका उपायुक्त अभिजीत कुमार सिन्हा ने अब तक की तैयारी को साझा किया। पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि मेला में पहली बार टेंट सिटी में भक्तों की हेड काउंटिंग की जाएगी। सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।

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