CBSE का नया क्रेडिट सिस्टम: 9वीं से 12वीं तक छात्रों को मिलेंगे क्रेडिट, उच्च शिक्षा का सफर होगा आसान
CBSE छात्रों को उच्च शिक्षा में अधिक अवसर देने के लिए राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCRF) लागू कर रहा है। यह नई शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई, प्रैक्टिकल और ...और पढ़ें

CBSE: अब 9वीं से 12वीं तक क्रेडिट सिस्टम से पढ़ेंगे छात्र।(प्रतीकात्मक फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपने स्कूलों के छात्रों को उच्च शिक्षा में अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) लागू करने जा रहा है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूलों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
इस व्यवस्था में छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल, स्किल डेवलपमेंट, एक्सपीरियेंशियल लर्निंग और खेल गतिविधियों के आधार पर भी क्रेडिट दिए जाएंगे। इसका लाभ आगे उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के समय मिलेगा।
नए नियम के अनुसार एक शैक्षणिक वर्ष में 1200 नाटिशनल लर्निंग आवर्स के आधार पर छात्रों को 40 क्रेडिट दिए जाएंगे। इसमें प्रत्येक 30 घंटे की पढ़ाई पूरी करने पर एक क्रेडिट मिलेगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार की जा रही है।
मान्य विषयों के साथ-साथ वोकेशनल कोर्स में भी क्रेडिट अंक दिए जाएंगे। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में छठा और सातवां विषय लेने वाले विद्यार्थियों को भी इसका अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
प्रत्येक विषय के लिए क्रेडिट निर्धारित
क्रेडिट अंक नियमित कक्षाओं में अध्ययन के कुल घंटों के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे। इसके लिए सीबीएसई स्कूलों को अलग से क्रेडिट एवं लर्निंग आवर चार्ट उपलब्ध कराएगा। प्रत्येक विषय के लिए निर्धारित क्रेडिट की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि सभी स्कूल एक समान व्यवस्था का पालन कर सकें।
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स्कूल स्तर पर पहली बार लागू होने जा रहे इस क्रेडिट सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा उच्च शिक्षा में नामांकन के दौरान मिलेगा। लैटरल एंट्री भी आसान होगा।
यह होगा एनसीआरएफ का स्वरूप
- एक शैक्षणिक वर्ष में 1200 लर्निंग आवर्स पूरे करने पर कुल 40 क्रेडिट मिलेंगे।
- हर 30 घंटे की पढ़ाई पर एक क्रेडिट निर्धारित किया गया है।
- कक्षा 9वीं और 10वीं में सभी विषयों को मिलाकर कुल 40 क्रेडिट होंगे।
- भाषा विषयों के लिए 120-120 लर्निंग आवर्स पर चार-चार क्रेडिट मिलेंगे।
- गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के लिए 150-150 लर्निंग आवर्स पर पांच-पांच क्रेडिट निर्धारित हैं।
- इंटरडिसिप्लिनरी कोर्स के लिए चार क्रेडिट मिलेंगे।
- वोकेशनल एजुकेशन के लिए पांच क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं।
- शारीरिक शिक्षा और कला शिक्षा के लिए दो-दो क्रेडिट मिलेंगे।
बोर्ड का उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित कक्षा के प्रति प्रेरित करना और शैक्षणिक उपलब्धियों को उच्च शिक्षा से जोड़ना है। स्कूलों के लिए नए क्रेडिट सिस्टम का फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षा हासिल करने और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में लैटरल एंट्री के अवसर प्राप्त होंगे।
डा.सरिता सिन्हा, सिटी कोआर्डिनेटर सीबीएसई