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    धनबाद में कोयला चोरी का बड़ा पर्दाफाश: आउटसोर्सिंग कंपनियां जांच के घेरे में, पूरा नेटवर्क खंगाल रही एजेंसियां

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 12:41 PM (GMT+05:30)

    BCCL Coal Theft: गृह मंत्रालय के निर्देश पर धनबाद में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है, जिसमें 10 जुलाई को पकड़े गए ट्रक की जांच के ब ...और पढ़ें

    कोयला चोरी के खिलाफ धनबाद में चल रहा सीआइएसएफ का अभियान। (फाइल फोटो)

    कोयला चोरी के खिलाफ धनबाद में चल रहा सीआइएसएफ का अभियान। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 10 जुलाई को पकड़े गए अवैध कोयले से लदे ट्रक की जांच।

    2. उज्जवल मंडल, अरविंद, ज्योति सहित चार लोग जांच के दायरे में।

    3. बीसीसीएल की करीब आधा दर्जन आउटसोर्सिंग कंपनियां भी जांच के घेरे में।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। बीसीसीएल के तहत संचालित कतिपय आउटसोर्सिंग कंपनियों (माइन डेवलपमेंट ऑपरेटर-एमडीओ/MDO) के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। शिकायत है कि आउटसोर्सिंग कंपनियों में हो रहे कोयला खनन का बड़ा हिस्सा चोरी के बाजार में पहुंच रहा है।

    आउटसोर्सिंग कंपनियों से कोयले की चोरी के लिए धनबाद कोयलांचल में एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। इसमें पुलिस-प्रशासन के बड़े अधिकारियों से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्थापित कोयला माफिया की संलिप्तता बताई जा रही है।

    आउटसोर्सिंग कंपनियों का कोयला चोरी के बाजार में जाने से बीसीसीएल की माली हालत लगातार खराब होती जा रही है, जबकि कोयला माफिया मालामाल हो रहे हैं। धनबाद में पहले से स्थापित माफिया के अलावा नए-नए माफिया भी उभर रहे हैं। ये माफिया पूरे सिस्टम को नियंत्रित कर रहे हैं।

    गृह और कोयला मंत्रालय के निर्देश पर कस रहा शिकंजा 

    भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के कमांड एरिया में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ गृह मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के निर्देश पर कार्रवाई तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां, सीआईएसएफ, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से लगातार छापेमारी अभियान चला रहे हैं। अवैध खनन, कोयला परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों की गहन जांच की जा रही है, जिससे कोयला माफियाओं और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

    चार लोगों पर जांच की आंच, पूरे नेटवर्क की पड़ताल

    10 जुलाई को अवैध कोयला लदा एक ट्रक पकड़े जाने के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ट्रक की जांच में सामने आया कि उसमें लदा कोयला अवैध था और परिवहन से जुड़े दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए। इस मामले में अब तक उज्जवल मंडल, अरविंद कुमार उर्फ टुन्ना सिंह, ज्योति तथा एक अन्य व्यक्ति का नाम जांच के दायरे में आया है।

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    जांच एजेंसियां इन सभी की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध कोयला किस स्रोत से लाया गया, किन रास्तों से उसका परिवहन हुआ और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

    जांच एजेंसियों की नजर अब बीसीसीएल की करीब आधा दर्जन आउटसोर्सिंग कंपनियों पर भी है। इन कंपनियों पर संदेह है कि नियमों की अनदेखी कर अवैध तरीके से कोयले का परिवहन और उसकी कालाबाजारी की जा रही है। हाल के दिनों में सीआईएसएफ और जिला प्रशासन की संयुक्त छापेमारी के दौरान कई वाहनों के पास आवश्यक परिवहन दस्तावेज नहीं मिले, जबकि सरकारी मानकों के उल्लंघन के भी कई मामले सामने आए हैं।

    सीआईएसएफ के डीआईजी राजीव मिश्रा ने सिजुआ क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान एक आउटसोर्सिंग कंपनी की मशीनों के कथित रूप से अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल होने के संकेत पाए थे। इसके बाद सिजुआ, बरोरा, ब्लॉक-2, कतरास, लोदना, कुसुंडा, बस्ताकोला और भौरा क्षेत्र को जांच एजेंसियों ने विशेष निगरानी में रखा है।

    इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से हो रही कथित कोयला चोरी का मामला गृह मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के समक्ष उठा चुके हैं।

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    उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रतिदिन 50 से 60 हाइवा अवैध कोयला शहर के विभिन्न स्थानों पर डंप कर दूसरे क्षेत्रों में भेजा जाता है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियों का कहना है कि अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति या नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।