धनबाद के मजदूर की बेटी का कमाल: NEET में जिला टॉपर बनेगी डॉक्टर, सरकार उठाएगी पढ़ाई का खर्च
धनबाद की पूनम कुमारी ने नीट-यूजी परीक्षा में 582 अंक हासिल कर डॉक्टर बनने की राह बनाई है। उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च जिला प्रशासन उठाएगा, जिससे आर्थिक तं ...और पढ़ें

मजदूर की बेटी ने नीट में किया टॉप। फाइल फोटो
HighLights
पूनम कुमारी ने नीट-यूजी में 582 अंक प्राप्त किए।
जिला प्रशासन उठाएगा पूनम की मेडिकल पढ़ाई का खर्च।
दिहाड़ी मजदूर की बेटी बनी डॉक्टर, प्रेरणादायक कहानी।
जागरण संवाददाता, धनबाद। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद बुलंद हौसलों ने धनबाद की पूनम कुमारी को नई पहचान दिलाई है। भूदा बस्ती निवासी दिहाड़ी मजदूर धरमू गोराई की बेटी पूनम ने नीट-यूजी परीक्षा में 582 अंक, 99.1375 परसेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक 16,972 हासिल कर डॉक्टर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है।
एसएसएलएनटी सीएम उत्कृष्ट गर्ल्स विद्यालय (सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस) की छात्रा रही पूनम इससे पहले सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर धनबाद जिला टापर भी रह चुकी हैं।
आपको बता दें कि नीट का परिणाम जारी होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूनम की सफलता के बाद अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर बधाई दे चुके हैं।
सरकार उठाएगी पढ़ाई का खर्च
नीट में शानदार सफलता पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पूनम को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए पूनम की मेडिकल कॉलेज में दाखिले से लेकर डॉक्टर बनने तक की पूरी पढ़ाई का खर्च जिला प्रशासन वहन करेगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
आर्थिक तंगी नहीं तोड़ पाई हौसला
पूनम ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया। पूनम के पिता धरमू गोराई दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि मां पीपू देवी गृहिणी हैं।
पूनम ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनका नामांकन सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में कराया गया, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सीबीएसई पैटर्न की पढ़ाई और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनके सपनों को नई उड़ान दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल से गरीब परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का अवसर मिला है। पूनम का सपना भविष्य में कार्डियोलाजिस्ट बनकर जरूरतमंद मरीजों की सेवा करना है।
युवाओं को मिलेगी प्रेरणा
उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन मिलने पर आर्थिक अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकता। पूनम की इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे धनबाद जिले में खुशी का माहौल है।
यह सफलता उन हजारों विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखते हैं।
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