Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की पहल: कोल इंडिया और अमेरिका मिलकर करेंगे काम, उच्चस्तरीय दल ने सौंपी रिपोर्ट

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 12:14 PM (IST)

    भारत का कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया अमेरिका के साथ मिलकर ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर, आधुनिक और टिकाऊ बनाने पर काम कर रहे हैं। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया का अमेरिकी संस्थानों से सहयोग।

    2. कोयला गैसीकरण, स्वच्छ तकनीक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    3. ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उपाय सुझाए गए।

    आशीष अंबष्ठ, धनबाद। भारत के ऊर्जा क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया अमेरिका के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

    इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य कोयला उत्पादन, कोयला गैसीकरण, स्वच्छ कोयला तकनीक, कोकिंग और नॉन-कोकिंग कोयले के बेहतर उपयोग तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करना है।

    इसी सिलसिले में हाल ही में कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के अध्ययन दौरे से लौटकर आया है। प्रतिनिधिमंडल में कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सनोज कुमार झा, कोल इंडिया के अध्यक्ष बी. साईंराम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

    दौरे के दौरान अमेरिकी संस्थानों और ऊर्जा विशेषज्ञों के साथ विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी अध्ययन रिपोर्ट कोयला मंत्रालय को सौंप दी है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

    Dhanbad News

    रिपोर्ट में विशेष रूप से कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को गति देने, कोकिंग कोयले की उपलब्धता बढ़ाने, नॉन-कोकिंग कोयले के अधिक वैज्ञानिक उपयोग, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को अपनाने तथा खनन क्षेत्र में आधुनिक डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। इसके अलावा खनन सुरक्षा, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के उपाय भी सुझाए गए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस सहयोग से भारत को ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, आयातित कोकिंग कोयले पर निर्भरता कम करने और घरेलू संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने में मदद मिलेगी। साथ ही कोल इंडिया को आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन प्रणाली और वैश्विक स्तर की कार्यप्रणाली अपनाने का अवसर मिलेगा।

    कोयला मंत्रालय अब इस रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से नई नीतियों और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इससे देश के ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ-साथ कोयला उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होने की उम्मीद है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- बिजली की बढ़ती मांग के बीच कोल इंडिया अलर्ट, कोयला सप्लाई तेज करने के लिए रेलवे से मांगा सहयोग

    यह भी पढ़ें- कोल इंडिया के तिमाही नतीजों और लाभांश पर टिकी निगाहें, CMPDI का मुनाफा बढ़ा BCCL बोर्ड ने दी मंजूरी