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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Election Result 2024: हेमंत-कल्पना की गुगली में बोल्ड हो गई भाजपा, जामताड़ा में भी नहीं खुला खाता

    Updated: Sat, 23 Nov 2024 08:46 PM (GMT+05:30)

    झारखंड की 81 विधानसभा सीटों (Jharkhand Election Result 2024) के लिए दो चरण में चुनाव आयोजित किए। सभी सीटों के लिए हुए मतदान के लिए नतीजे 23 नवंबर को ज ...और पढ़ें

    धनबाद-गिरिडीह-बोकारो-जामताड़ा पर कैसा रहा सभी पार्टियों का प्रदर्शन
    धनबाद-गिरिडीह-बोकारो-जामताड़ा पर कैसा रहा सभी पार्टियों का प्रदर्शन

    HighLights

    1. धनबाद-गिरिडीह-बोकारो-जामताड़ा की 18 सीटों में से 12 पर भाजपा को खानी पड़ी मात
    2. झामुमो छह, कांग्रेस तीन और माले दो सीटें जीतने में रही सफल
    3. कांटे की लड़ाई में जयराम ने मंत्री बेबी देवी को दी मात

    दिलीप सिन्हा, धनबाद। जिले में ऐसी राजनीतिक गुगली फेंकी जिसमें फंसकर भाजपा-आजसू यहां पहली बार बोल्ड हो गई। इन चार जिलों की 18 विधानसभा सीटों में पहली बार झामुमो गठबंधन भाजपा को मात्र छह सीटों में रोकने में सफल रही।

    वहीं, पहली बार झाममो गठबंधन यहां की 18 में से 11 सीटों पर कब्जा करने में सफल रहा। सिंदरी और निरसा विधानसभा सीट (Jharkhand Election Result 2024) जहां झामुमो लंबे समय से शानदार प्रदर्शन कर रहा था लेकिन जीत नहीं पा रहा था, उसे भाकपा माले की झोली में डाल दिया।

    यह रणनीति काफी कामयाब रही। झामुमो के सहयोग से माले यह दोनों सीटें भाजपा से छीनने में सफल रही। यह भाजपा के लिए बड़ा झटका है।

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    कैसा रहा सभी पार्टियों का हाल 

    यहां की 18 विधानसभा सीटों में से झामुमो टुंडी, गिरिडीह, गांडेय, नाला, चंदनकियारी एवं गोमिया कुल छह सीटें जीतने में सफल रहा। वहीं, झामुमो की सहयोगी माले ने सिंदरी व निरसा तथा कांग्रेस ने जामताड़ा, बोकारो एवं बेरमो सीट पर कब्जा किया।

    इस तरह आइएनडीआइए ने 11 सीटों पर कब्जा किया। वहीं, भाजपा ने धनबाद, झरिया, बाघमारा, बगोदर, राजधनवार एवं जमुआ कुल छह सीटों पर कब्जा किया।

    बेबी देवी को लगा बड़ा झटका

    टाइगर जयराम महतो डुमरी से मंत्री बेबी देवी को कांटे की टक्कर में हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचने में सफल रहे हैं। मंत्री बेबी देवी की हार झामुमो के लिए बड़ा झटका है।

    दिवंगत जगरनाथ महतो के इस गढ़ को जयराम ने भेद दिया। बाबूलाल मरांडी के गृह जिले गिरिडीह में भाजपा ने जहां बेहतर प्रदर्शन किया वहीं बोकारो जिले से भाजपा और उसकी सहयोगी आजसू पूरी तरह से साफ हो गई।

    पिछले चुनाव में गिरिडीह जिले में भाजपा मात्र एक सीट जीतने में सफल रही थी जबकि इस बार भाजपा ने यहां की तीन सीटों पर कब्जा किया।

    जामताड़ा में नहीं खुला भाजपा का खाता

    बोकारो जिले में नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी चंदनकियारी सीट नहीं बचा सके। इसी तरह आजसू विधायक लंबोदर महतो गोमिया से हार गए।

    जामताड़ा जिले में तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा का खाता नहीं खुला। यहां की दोनों सीटें झामुमो गठबंधन बचाने में सफल रहा।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन को भाजपा ने यहां से उतारा था। कांग्रेस विधायक व प्रत्याशी इरफान अंसारी के सीता सोरेन को लेकर दिए गए बयान से बवाल मच गया था। भाजपा ने इसे मुद्दा भी बनाया, लेकिन इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ।

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    हेमंत सोरेन एवं कल्पना सोरेन ने जामताड़ा में इरफान के पक्ष में सभा कर यहां आदिवासी-मुस्लिम समीकरण को टूटने नहीं दिया। इरफान बड़े अंतर से सीता सोरेन को हराने में सफल रहे।

    इधर माले को गठबंधन में शामिल करने का असर भले ही उसके गढ़ गिरिडीह में नहीं पड़ा लेकिन धनबाद में यह रणनीति कामयाब रही।

    पिछले चुनाव में धनबाद की छह में से चार सीटों पर भाजपा तथा दो पर आइएनडीआइए का कब्जा था। इस बार आइएनडीआइए तीन सीटें जीतने में सफल रहा।

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