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    धनबाद पुलिस की मिसिर बेसरा समेत तीन शीर्ष माओवादियों से पूछताछ की तैयारी, कोर्ट ने 14 दिन की रिमांड मंजूर की

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 10:31 PM (IST)

    धनबाद कोर्ट ने भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा समेत तीन शीर्ष माओवादियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। ...और पढ़ें

    माओवादी मिसिर बेसरा, मोछू और गौरव। (फाइल फोटो)

    माओवादी मिसिर बेसरा, मोछू और गौरव। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. धनबाद कोर्ट ने तीन शीर्ष माओवादियों को 14 दिन की रिमांड दी।

    2. मिसिर बेसरा, मोछू मुर्मू और गौरव से होगी गहन पूछताछ।

    3. पुलिस को माओवादी नेटवर्क और हथियारों की जानकारी मिलने की उम्मीद।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य, एक करोड़ रुपये (झारखंड, बिहार व ओडिशा मिलाकर 2.20 करोड़) के इनामी मिसिर बेसरा, मोछू मुर्मू उर्फ मेहनत और गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर देने का न्यायालय ने आदेश दिया है। जल्द ही धनबाद पुलिस तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू करेगी।

    तीनों शीर्ष माओवादियों को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने धनबाद न्यायालय में आवेदन दिया था। गुरुवार को न्यायालय ने रिमांड की स्वीकृति दे दी। अब पुलिस शुक्रवार को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। रिमांड के दौरान माओवादियों के झारखंड के साथ ही ओडिशा और बिहार की पुलिस भी पूछताछ कर सकती है। 

    माओवादियों से संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, सक्रिय दस्तों, शहरी माड्यूल और सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी। मंगलवार की देर शाम सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और धनबाद व गिरिडीह पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य इनामी मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर के अलावा रीजनल कमेटी सदस्य मोछू उर्फ मेहनत, गौरव उर्फ सौरव तथा दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था।

    माओवादियों के पास से पुलिस ने तीन AK 47 भी जब्त की है। सुरक्षा एजेंसियां इसे झारखंड में माओवादी संगठन के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही हैं। गिरफ्तारी उस समय हुई जब माओवादी एक कार पर सवार होकर मोछू के घर जा रहे थे। 

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    कई राज्यों की पुलिस करेगी पूछताछ

    पुलिस रिमांड मिलने के बाद झारखंड पुलिस के अलावा एनआईए, सीआरपीएफ, आईआरबी, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और बिहार पुलिस की टीमें भी तीनों हार्डकोर नक्सलियों से पूछताछ करेंगी। जिला पुलिस ने संबंधित राज्यों और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना भेज दी है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में कई राज्यों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और संगठन के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े अहम राज सामने आएंगे।

    हार्डकोर नक्सली है मिसिर बेसरा

    मिसिर बेसरा उर्फ सागर लंबे समय से माओवादी संगठन का शीर्ष नेता रहा है। उसने धनबाद, झारखंड के कई जिलों व राज्यों में नक्सलियों की भर्ती, नेतृत्व और गतिविधियों की निगरानी की है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उसकी गिरफ्तारी संगठन के लिए बड़ा झटका है।

    रिमांड पर खुलेंगे कई बड़े राज

    जांच एजेंसियों का मानना है कि पुलिस रिमांड के दौरान माओवादी संगठन के वित्तीय नेटवर्क, शहरी संपर्कों, हथियारों के ठिकानों, दस्तों की गतिविधियों और भविष्य की रणनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पूछताछ के आधार पर अन्य राज्यों में भी आगे कार्रवाई की संभावना है।

    इनामी राशि का होगा बंटवारा

    मिसिर बेसरा और मेहनत उर्फ मोछु की गिरफ्तारी पर घोषित दो करोड़ 35 लाख की इनामी राशि का बंटवारा नियमानुसार होगा। इस अभियान में शामिल सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन व जिला पुलिस के बीच 50-50 के अनुपात में होगा।

    यह भी पढ़ें- साथियों के साथ धनबाद जेल में रहेगा एक करोड़ का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा, पूछताछ में पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग

    जिसमें सीआरपीएफ के 12 गिरिडीह जिला के तीन और धनबाद के सात पुलिसकर्मियों के बीच इनाम की राशि बांटे जाएंगे। राशि का वितरण अभियान में शामिल पुलिसकर्मी व सुरक्षा बलों के योगदान के अनुसार पुरस्कार स्वरूप दिए जाएंगे।