यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gangs of Wasseypur: दुकानदारों से रंगदारी मांगने वालों का पर्दाफाश, प्रिंस खान के मेजर समेत चार गिरफ्तार
Dhanbad News धनबाद पुलिस को प्रिंस खान मामले में एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गैंगस्टर के तथाकथित मेजर आर्म्स सप्लायर समेत कुल चार अपराधियों को गि ...और पढ़ें

जासं, धनबाद। शहर में व्यवसायियों से रंगदारी मांगने की घटना से परेशान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने प्रिंस खान के तथाकथित मेजर, आर्म्स सप्लायर समेत कुल चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके पास से आधा दर्जन हथियार और भारी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने प्रिंस खान गैंग के तीन सदस्यों को धर दबोचा
जिस छद्म मेजर को ढाल बनाकर गैंगस्टर प्रिंस खान रंगदारी मांग रहा था, उसका वास्तविक नाम नसीम अंसारी उर्फ रजी अहमद है। वह मूल रूप से कतरास के छाताबाद का रहने वाला है और वर्तमान में पश्चिम बंगाल के आसनसोल रेल पार नया मुहल्ला में रह रहा था।
गिरोह में सहयोगी रहे उसके रिश्तेदार सद्दाम अंसारी को पुलिस ने उसके पुश्तैनी गांव गिरिडीह के बिरनी से गिरफ्तार किया है। साथ ही हथियार सप्लायर विकास सिंह और राजू अंसारी को भी धर दबोचा है।
पुलिस को प्रिंस खान मामले में मिली बड़ी सफलता
राजू अंसारी जोगता थाना के सिजुआ का रहने वाला है जबकि विकास सिंह धनबाद थाना क्षेत्र के अंबिकापुरम का निवासी है। इन अपराधियों की निशानदेही पर 05 ऑटोमैटिक पिस्टल, 01 देशी कट्टा, 56 कारतूस, 50 हजार नकद ,एक बाइक और इंटरनेट वाईफाई का माॅर्डम भी बरामद किया गया है। प्रिंस खान के मामले में पुलिस इसे अब तक बड़ी सफलता मान रही है।
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पुलिस काफी दिनों से कर रह थी कोशिश
एसएसपी संजीव कुमार ने बताया कि प्रिंस खान के सहयोगियों को पकड़ने के लिए सिटी व ग्रामीण एसपी के मॉनिटरिंग में एक टीम गठित की गई थी, जिसमें डीएसपी अमर पांडेय विधि व्यवस्था अरविंद बिन्हा समेत सात थाना के थानेदार व इंस्पेक्टर को लगाया गया था। अनुसंधान के दौरान जब टीम ने सबसे पहले हथियार सप्लायर विकास सिंह को दबोचा उसके बाद मामला परत दर परत खुलता गया।
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कई हथियार भी हुए हैं बरामद
विकास मुंगेर से हथियार लाकर प्रिंस खान के गुर्गों को सप्लाई करता था। उसके निशानदेही पर ही राजू अंसारी को गिरिडीह से दबोचा गया। राजू अंसारी के पास भी हथियार बरामद हुए। उसके बाद पुलिस को कुछ नया सुराग मिला और उसके आधार पर कथित मेजर और उसके बहनोई सद्दाम तक पुलिस पहुंची।
तीनों की गिरफ्तारी के बाद सभी ने अपना गुनाह कबूल लिया और पूछताछ के दौरान ही यह बात सामने आई कि हाल के दिनों में प्रिंस खान ने शहर के जिन व्यवसायियों को फोन पर धमकी दिलवाया था, उनका नंबर राजू अंसारी ने प्रिंस खान और उसके कथित मेजर नसीम अंसारी को उपलब्ध कराया था।
यहां तक जीटी रोड पर व्यवसायियों को भयभीत करने के लिए जो बमबाजी और फायरिंग की घटना हुई थी, उसमें नसीम अंसारी और राजू अंसारी खुद भी शामिल था।
पुलिस की जांच अब भी है जारी
तोपचांची शान ए पंजाब में बमबाजी, गोविंदपुर में बिहारी लाल चौधरी और खालसा होटल पर फायरिंग में भी दोनों की भूमिका थी। इस कांड में कुछ तथ्य और भी सामने आए, जिस पर पुलिस अनुसंधान जारी है।
प्रिंस के सहयोगी के रूप में कुछ सफेद पोश के भी नाम आए हैं। पुलिस उसका सत्यापन कर रही है। वहीं कुछ फर्जी पत्रकार भी नसीम अंसारी के पत्र के वायरल करने में मदद कर रहे थे। उसका भी सत्यापन किया जा रहा है। मोबाइल कॉल डिटेल में वैसे कुछ लोगों की बातचीत के भी संकेत मिले हैं।
एसएसपी ने यह भी कहा कि दुर्गापूजा का माहौल शुरू हो गया, व्यवसायी हो या आम नागरिक सभी अमन चैन के साथ बेफिक्र होकर अपना काम करें। धनबाद पुलिस सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। अपराधी कोई भी हो बख्शे नहीं जायेंगे।