बिहार-झारखंड और बंगाल को जोड़ने वाले पुल की होगी मरम्मत, दुमका-भागलपुर के बीच बनेगा नया ब्रिज
झारखंड के दुमका में मयूराक्षी नदी पर बने विजयपुर पुल की विशेष मरम्मत का प्रस्ताव है, जबकि दुमका-भागलपुर मार्ग पर दो संकीर्ण पुलों की जगह नए पुलों का न ...और पढ़ें

दुमका में पुलों की मरम्मत और नए निर्माण का प्रस्ताव

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राजीव, दुमका। झारखंड की उपराजधानी दुमका को धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, आसनसोल और बिहार के भागलपुर समेत सीधे तौर पर जोड़ने वाला मयूराक्षी नदी पर हाइलेवल विजयपुर पुल की एक बार फिर से विशेष मरम्मति होगी। इसके लिए पथ निर्माण विभाग की ओर से सरकार को प्रस्ताव दिया गया है।
इस पुल का निर्माण झारखंड राज्य गठन के बाद गोविंदपुर-साहिबगंज मुख्य पथ पर दुमका के विजयपुर में कराया गया है। तकरीबन 25 वर्षों की मियाद में यह तीसरा मौका है जब पुल के बेहतर रखरखाव को ध्यान में रखकर विशेष मरम्मति का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
तकरीबन पांच वर्ष पूर्व ही 87 लाख रुपये की लागत से पुल की कराई गई है मरम्मत
गोविदपुर-साहिबगंज मुख्य पथ पर दुमका से सटे विजयपुर पुल की विशेष मरम्मत कराई गई है। पुल की मरम्मत के लिए इस रास्ते से होकर आवागमन बंद कर दिया गया था। पुल की मरम्मत पर 87 लाख रुपये खर्च किया गया था।
दरअसल, क्षमता से अधिक वाहनों का भार और ओवरलोड वाहनों की वजह से इस पुल के कुछ हिस्सों में दरार व बेयरिंग में खराबी आ गई थी। इसके बाद इस पुल पर आवागमन को रोक कर बगल में एक डायवर्सन बनाकर छोटे वाहनों के आवागमन की व्यवस्था करने के बाद विभाग की ओर से मरम्मति कराया गया था।
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अब एक बार फिर से पथ निर्माण विभाग की ओर से इस पुल की विशेष मरम्मति का प्रस्ताव भेजा गया है ताकि आवागमन बाधित नहीं हो। इसके अलावा पथ निर्माण विभाग ने रानीश्वर प्रखंड में भी एक हाइलेवल ब्रीज की मरम्मति का प्रस्ताव सरकार के पास स्वीकृति के लिए दिया है।
जबकि दुमका-भागलपुर मुख्य पथ पर हंसडीहा के निकट संकीर्ण दो पुलों की जगह दो नए पुलों के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया है। ये दोनों पुल संर्कीण होने के साथ जर्जर स्थिति में भी हैं।
विभाग के मुताबिक ओवर लोड और अत्यधिक ट्रैफिक को देखते हुए अब नए सिरे से पुलों का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें एक पुल धोबैय नदी और दूसरा मुरको नदी पर बनेगा। इसकी प्राक्कलित राशि 93499100 रुपये है और इन पुलों को तैयार करने की मियाद दो वर्ष तय किया गया है।
दुमका-देवघर मुख्य पथ अब एनएच के जिम्मे
चूंकि दुमका-देवघर मुख्य पथ अब एनएच के जिम्मे है, इसलिए इस पथ पर स्थित पुलों की देखरेख या निर्माण का काम भी एनएच के जरिए ही होना है। वैसे अब इस पथ के पुराने पुलों का दिन वैसे भी लदने वाला है, क्योंकि दुमका से लेकर देवघर तक फोर लेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
फोर लेन सड़क बनने की सूरत में पुराने सभी पुलों की उपयोगिता लगभग खत्म हो जाएगी। वैसे इस पथ दुमका के पुसरो नदी पर स्थित पुल और महारो-बाबूपुर के बीच स्थित पुल की स्थित ठीक नहीं है।
इन दोनों पुलों की बेयरिंग खराब होने की चर्चा है और दोनों पुलों को विशेष मरम्मति की भी जरूरत बताई जाती है। हालांकि फोर लेन सड़क निर्माण का टेंडर होने के बाद अब इस पथ के निर्माण को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है।
वहीं, दुमका से रामपुरहाट तक जाने वाली सड़क पर कोई भी पुल जर्जर नहीं है। जबकि दुमका के मसलिया प्रखंड के बास्कीडीह से जामताड़ा को जोड़ने वाली सड़क पर बास्कीडीह में बनाया गया हाइलेवल पुल का एक पीलर वर्ष 2024 में धंस गया है जिसकी मरम्मति नहीं हुई है।
इसी प्रखंड में गोड़माला से कुंडहित होते हुए जामताड़ा तक जाने वाली सड़क पर गोड़माला में स्थित पुल का एक पीलर भी जर्जर है जिसकी मरम्मति नहीं हो पाई है।
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