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    Jharkhand Treasury Scam: अवैध निकासी मामले में हेमंत सरकार सख्त, 3 साल से जमे लिपिकों का होगा तबादला

    Updated: Wed, 06 May 2026 12:31 PM (GMT+05:30)

    सरकार ने कोषागारों से अवैध निकासी पर गंभीरता दिखाते हुए तीन साल से अधिक समय से एक ही पद पर जमे लिपिकों के तबादले का आदेश दिया है। साथ ही, संविदा पर का ...और पढ़ें

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    अनूप श्रीवास्तव, दुमका। वेतन मद में कोषागारों से अवैध निकासी पर सरकार गंभीर है। इस तरह की अवैध निकासी फिर नहीं हो इसके लिए सभी सरकारी विभागों में तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके वरीय लेखा सहायक, लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक, लेखापाल, विपत्र लिपिक का अब तबादला किया जाएगा।

    इतना ही नही संविदा व एक मुश्त मानदेय के आधार पर कार्यरत आपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखा जाएगा। राज्य के मुख्य सचिव ने सभी विभागों के प्रधान सचिव समेत सभी उपायुक्तों को इस आशय का आदेश जारी किया गया है।

    इस कड़ी में नगर विकास विभाग के सहायक निदेशक ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी व नगर आयुक्त को त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 मई तक अनुपालन प्रतिवेदन मांगा है।

    सोमवार को जारी आदेश में मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कहा है कि राज्य के विभिन्न जिलों के विभिन्न कार्यालयों में वेतन मद में कोषागार के माध्यम से अवैध निकासी की गंभीर अनियमिताएं प्रकाश में आई है, जिममें कर्मचारी विवरण में छेड़छाड़, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकासी व राशि का अन्य खातों में अंतरण किया जाना पाया गया है।

    अनुरोध हे कि एक ही कार्यालय में दीर्घकालीन पदस्थापना की समीक्षा करते हुए उक्त प्रकरण की रोकथाम व प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए वित्तीय कार्य से जुड़े हुए लिपिक का पदस्थापना अवधि तीन साल से अधिक होने पर उनका स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।

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    साथ ही मानदेय के आधार पर काम करने वाले कंप्यूटर आपरेटर को वित्तीय कार्य से दूर रखा जाए। अनुपालन की स्थिति से संबंधित एक विस्तृत प्रतिवेदन हर हाल में 30 मई तक वित्त विभाग को उपलब्ध कराया जाए।

    नगर परिषद से हटेंगे दो लिपिक

    मुख्य सचिव के आदेश के आलोक में नगरीय प्रशासन निदेशालय के सहायक निदेशक ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र जारी कर कहा है कि अगर उनके कार्यालय में तीन साल पूरा कर चुका कोई लिपिक है, तो उसे और कंप्यूटर ऑपरेटर को वित्तीय कार्य से दूर रखते हुए छह मई तक अनुपालन प्रतिवेदन निदेशालय को निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाए।

    यहां बता दें कि नगर परिषद में एक लिपिक का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और एक कंप्यूटर आपरेटर अभी तक वित्तीय कार्य देख रहा है। अगर आदेश का अनुपालन होता है तो दोनों का तबादला निश्चित है।

    स्वास्थ्य विभाग में सालों से जमा है कई लिपिक

    स्वास्थ्य विभाग में कई ऐसे लिपिक हैं, जो पांच साल से एक ही जगह पर जमे हुए हैं। इतना ही मानदेय पर वित्तीय कार्य देखने वाले कुछ ऐसे लोग हैं, जो सात साल से ही एक ही पद पर डेरा जमाए हुई। इसके अलावा कई विभाग ऐसे हैं, जहां लंबे समय से लिपिक जमे हुए हैं।

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