दुमका: 10 साल पहले की थी मां की हत्या, अब ससुराल में की आत्महत्या; गांव में शव दफनाने पर हुआ बवाल
दुमका में 10 साल पहले मां की हत्या करने वाले बाबूलाल मरांडी ने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गांव वालों ने पहले शव दफनाने से मना किया, लेकिन ...और पढ़ें

शव दफनाने पर हुआ बवाल
HighLights
बाबूलाल मरांडी ने ससुराल में फांसी लगाकर जान दी।
दस साल पहले अपनी मां की हत्या की थी।
गांव में शव दफनाने को लेकर विवाद हुआ।
जागरण संवाददाता, दुमका। करीब दस साल पहले मां की हत्या करने के बाद मानसिक रूप से बीमार चल रहे 35 वर्षीय बाबूलाल मरांडी ने सोमवार की रात ससुराल में फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार की सुबह मुफस्सिल थाना की पुलिस ने दासोराय पेट्रोल पंप के पीछे आम के पेड़ से लटकता हुआ उसका शव बरामद किया। मृ
तक शिकारीपाड़ा के चुकापानी गांव का रहने वाला था और कुछ समय से ससुराल में रहकर होटल में काम करता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उसका शव भाई के सुपुर्द कर दिया।
दस साल पहले मां की हत्या
पुलिस की माने तो बाबूलाल ने करीब दस साल पहले मां की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद गांव के लोगों ने उसे चुकापानी गांव से बाहर निकाल दिया था। बाद में पुलिस ने उसे दूसरी जगह से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
करीब दो साल पहले जमानत पर छूटने के बाद वह गांव जाने की बजाय ससुराल में रहकर रिश्तेदार के होटल में काम करने लगा। धीरे धीरे उसकी मानसिक हालत खराब होने लगी। वह अजीब हरकत किया करता था।
पेड़ से लटका मिला शव
सोमवार की शाम होटल में काम करने के बाद वह कहीं चला गया। घरवालों ने बहुत तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह दासोराय के लोगों ने पेड़ से लटका शव देखकर पुलिस को सूचित किया।
सूचना पर एएसआई विजित कुमार मौके पर पहुंचे और घरवालों की मदद से शव उतारकर कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को स्वजन के सुपुर्द कर दिया।
गांव में शव दफनाने से किया मना
मां की हत्या करने के बाद चुकापानी गांव के लोगों ने उसे बाहर निकाल दिया था, इसलिए गांव के लोगों ने यहां पर शव दफनाने से मना कर दिया। गांव वालों का कहना था कि उसके शव को गांव में दफनाने नहीं देंगे। इसके बाद पत्नी के कहने पर गांव में पंचायती हुई, जिसमें शव को गांव में दफनाने की अनुमति प्रदान की गई है।