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    गढ़वा में 5 वजहों से कट गया 1.14 लाख मतदाताओं का नाम, अब क्या है समाधान?

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 08:48 PM (GMT+05:30)

    गढ़वा जिले में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 1.14 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची से हटा दिए गए हैं। मृत्यु, अनुपस्थिति और ...और पढ़ें

    सांकेतिक फोटो

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    HighLights

    1. गढ़वा में 1.14 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।

    2. मृत्यु, अनुपस्थिति, स्थानांतरण मुख्य कारण रहे।

    3. मतदाताओं को नाम जुड़वाने का अभी भी मौका।

    संवाद सहयोगी, गढ़वा। जिले में चलाए गए विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत एक लाख 14 हजार 542 मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

    जिला प्रशासन के अनुसार, गढ़वा जिले में कुल आठ लाख 62 हजार 92 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से एक लाख 14 हजार 542 मतदाताओं ने फॉर्म नहीं जमा कराया। ऐसे मतदाताओं को 'अनकलेक्टेबल' श्रेणी में रखा गया है।

    प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 17 हजार 431 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा 29 हजार 665 मतदाता लंबे समय से अपने पते पर मौजूद नहीं पाए गए हैं, जिन्हें अनुपस्थित मतदाता की श्रेणी में रखा गया है।

    वहीं, 47 हजार 540 मतदाता ऐसे हैं, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। इसके अलावा एक हजार 590 मतदाताओं को अन्य श्रेणी में शामिल किया गया है।

    दूसरी ओर 18 हजार 316 मतदाताओं को पहले से नामांकित मतदाताओं की श्रेणी में रखा गया है। इन सभी का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

    विधानसभावार क्या है स्थिति

    80 गढ़वा विधानसभा कुल मतदाता 426661 हैं, जिनमें मृत मतदाता 10944, अब्सेंट मतदाता 17573, परमानेंटली शिफ्टेड मतदाता 23470 है। अन्य श्रेणी मतदाता 747 तथा आलरेडी एनरोल्ड मतदाताओं की संख्या 8297 है।

    इसी प्रकार 81 भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र कुल मतदाता 435 431 हैं। जिनमें मृत मतदाता 6487, अबसेंट मतदाता 12092, परमानेंटली शिफ्टेड मतदाता 24070, अन्य श्रेणी 843, आलरेडी एनरोल्ड 10019 है।

    मतदाताओं के पास अभी भी मौका 

    उपायुक्त ने बताया कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान बीएलओ की ओर से घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया।

    जिनका फॉर्म नहीं जमा हो सका है, उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं होगा। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।

    वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकता है। प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम का सत्यापन अवश्य कर लें।

    इसके साथ ही किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर संबंधित बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें, ताकि समय रहते सुधार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

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