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    इलेक्ट्रिक तराजू का खेल, 1 किलो की जगह 850 ग्राम देकर गढ़वा में ग्राहकों को लगाया जा रहा चूना

    Updated: Wed, 27 May 2026 06:35 PM (GMT+05:30)

    भवनाथपुर प्रखंड में दुकानदार इलेक्ट्रिक तराजू से ग्राहकों को कम तौलकर ठग रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। माप-तौल विभाग से क ...और पढ़ें

    एआई से जेनरेट की गई तस्वीर।

    एआई से जेनरेट की गई तस्वीर।

    HighLights

    1. भवनाथपुर में दुकानदार इलेक्ट्रिक तराजू से ग्राहकों को ठग रहे हैं।

    2. एक किलो की जगह 850-900 ग्राम सामान दिया जा रहा है।

    3. प्रशासन से दोषी दुकानदारों पर कार्रवाई और जांच की मांग।

    संवाद सूत्र, भवनाथपुर (गढ़वा)। भवनाथपुर प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों गांव से लेकर शहरी क्षेत्र के बाजारों और किराना दुकानों में इलेक्ट्रिक तराजू के जरिए उपभोक्ताओं को ठगे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

    छोटे-बड़े कई दुकानदार इलेक्ट्रानिक तराजू का उपयोग तो कर रहे हैं, लेकिन माप-तौल विभाग की जांच और सत्यापन के अभाव में उपभोक्ताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि आज दो देशों के अंतरराष्ट्रीय चल रहे युद्ध के कारण ऐसे ही महंगाई चरम पर है। वहीं, कई दुकानों में एक किलो सामान के नाम पर मात्र 850 से 900 ग्राम तक ही दिया जा रहा है।

    खासकर ज्वेलरी, छड़ सरिया से लेकर दाल, चावल, चीनी, तेल, मसाले, फल एवं सब्जियों की खरीदारी में ग्राहकों को कम तौल कर सामान दिया जा रहा है, जबकि उनसे पूरा पैसा वसूला जा रहा है।

    उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि किसी ग्राहक को प्रतिदिन 100 से 150 ग्राम तक कम सामान दिया जाए तो महीने भर में कई किलो का नुकसान हो जाता है।

    ग्राहक को कैसे होता है नुकसान

    उदाहरण के तौर पर यदि कोई दुकानदार एक किलो के बदले 850 ग्राम सामान देता है तो ग्राहक को सीधे 150 ग्राम का नुकसान होता है।

    यदि किसी सामान की कीमत 100 रुपये प्रति किलो है तो उपभोक्ता को हर किलो पर लगभग 15 रुपये का घाटा उठाना पड़ता है। वहीं दुकानदार प्रतिदिन सैकड़ों ग्राहकों से हजारों रुपये का अतिरिक्त लाभ कमा रहे हैं।

    बाजार में यह भी चर्चा है कि कई इलेक्ट्रिक तराजू बिना सरकारी सत्यापन मुहर के चलाए जा रहे हैं। नियम के अनुसार हर वर्ष माप-तौल विभाग द्वारा इलेक्ट्रिक तराजू की जांच और सत्यापन जरूरी होता है, लेकिन भवनाथपुर क्षेत्र में विभाग की निष्क्रियता के कारण दुकानदार बेखौफ होकर मनमानी कर रहे हैं।

    जांच कराने की मांग

    ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि प्रखंड क्षेत्र के सभी दुकानों में विशेष जांच अभियान चलाकर इलेक्ट्रिक तराजू की जांच कराई जाए।

    साथ ही दोषी दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाए ताकि उपभोक्ताओं के साथ हो रही ठगी पर रोक लग सके।

    लोगों का कहना है कि दाम तो पूरा लिया जा रहा है, लेकिन सामान कम दिया जा रहा है। प्रशासन यदि समय रहते कार्रवाई नहीं करता है तो उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण लगातार जारी रहेगा।

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