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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    लापरवाही की हद: पोस्‍टमार्टम के लिए रखे शव की नाक को चूहों ने कुतरा, सफाई में अस्‍पताल प्रबंधन ने कही ये बात

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Tue, 26 Sep 2023 08:23 AM (IST)

    सुनरी मुसहरिन नामक एक महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। वह उस वक्‍त अपनी दो वर्ष की बेटी के साथ मेराल बस स्टैंड में बैठी थी। इसके बाद पुलिस ने शव ...और पढ़ें

    सुनरी मुसहरिन का शव, जिसमें नाक को चूहों ने कुतर लिया है।
    सुनरी मुसहरिन का शव, जिसमें नाक को चूहों ने कुतर लिया है।

    जासं, गढ़वा। झारखंड के गढ़वा के सदर अस्पताल में एक गर्भवती महिला के शव को चूहों ने कुतर दिया है। मेराल थाना के बाना गांव की रहने वाली सुनरी मुसहरिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया था। पूरी रात शव अस्पताल के एक कोने में स्ट्रेचर पर लावारिस पड़ा रहा।

    हार्ट अटैक से हुई महिला की मौत

    सोमवार की सुबह जब उसके स्वजन अस्पताल पहुंचे, तो देखा कि चूहों ने सुनरी की नाक के एक बड़े हिस्से को अपना आहार बना लिया था। घटना पर लोगों ने अस्पताल प्रबंधन तथा पुलिस की लापरवाही पर दुख जताया है।

    रविवार की शाम सुनरी मुसहरिन अपनी दो वर्ष की बेटी के साथ मेराल बस स्टैंड में बैठी थी। इसी बीच हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। मेराल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान में जुट गई।

    अस्‍पताल के कोने में पड़े शव को चूहों ने कुतरा

    मेराल थाना के बाना गांव निवासी मनोज मुसहर ने मृतका की पहचान पत्नी सुनरी मुसहरिन के रूप में की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया, जहां उसका शव रात भर कोने में पड़ा रहा। इस दौरान चूहों ने शव को कुतर दिया। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन एवं पुलिस जवाबदेही से बच रही है।

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    आखिर किसकी है लापरवाही ? 

    मेराल थाना प्रभार नीतीश कुमार ने बताया कि शव को चौकीदार के साथ सदर अस्पताल भेजा गया था। चौकीदार ने हाॅस्पिटल कर्मी राजकुमार को शव का जिम्मा सौंप दिया था। इस दौरान सुनरी के पति भी वहां मौजूद था। इसमें पुलिस की लापरवाही नहीं है।

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    जबकि गढ़वा सिविल सर्जन डा. अवधेश सिंह ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। स्वास्थ्यकर्मी राजकुमार का कहना है कि वह अपनी ड्यूटी पूरी कर घर चला गया था।

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