गिरिडीह में नदियों से अवैध बालू का खनन जारी, माफियाओं को न एनजीटी न प्रशासन का डर
गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में बराकर और इरगा नदियों से अवैध बालू खनन बेखौफ जारी है, जिससे स्थानीय लोग डरे हुए हैं और प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगा र ...और पढ़ें
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HighLights
बिरनी में बराकर-इरगा नदियों से अवैध बालू खनन जारी।
एनजीटी नियमों और खनन प्रतिबंध की अनदेखी हो रही।
सरकारी निर्माण कार्यों में भी अवैध बालू का उपयोग।
संवाद सहयोगी, बिरनी (गिरिडीह)। बिरनी प्रखंड के विभिन्न नदियों बराकर नदी व इरगा नदी के दलांगी, हरदिया, पंदनाखुर्द, चानो ,रजमनियां , बाराडीह ,झरखी, गारागुरो , खुरजियो, नगलो , जमडीहा, पेशम , विजयडीह आदि घाट में अवैध बालू खनन और परिवहन का कारोबार बेखौफ तरीके से हो रहा है।
अखबार में नाम नहीं छापने के शर्त पर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाम अखबार में छपते ही तस्करों मारपीट व झूठा मुकदमा में फंसा देंगे, प्रशासन भी तस्करों को संरक्षण दे रहा है।
प्रखंड की संबंधित नदियों से प्रतिदिन अवैध रूप से बालू का उठाव कर ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों से खुलेआम परिवहन किया जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में न तो एनजीटी के निर्देशों का पालन होता दिखाई दे रहा है और न ही खनन विभाग या प्रशासन की कार्रवाई का कोई भय बालू माफियाओं में नजर आता है।
दिनदहाड़े नदियों से बालू निकालकर विभिन्न स्थानों दूसरे प्रखंड धनवार देवरी, तिसरी, मरकच्चो, डुमरी, बगोदर, विष्णुगढ़ हजारीबाग तक पहुंचाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि प्रखंड में चल रहे कई सरकारी निर्माण कार्यों में भी ठेकेदार रायल्टी जमा करने के नाम पर अवैध स्रोतों से बालू मंगा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं में नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बालू वैध खनन पट्टों से लाया जा रहा है तो उसकी जांच और सत्यापन होना चाहिए।स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग से अवैध बालू खनन और परिवहन पर तत्काल रोक लगाने,व दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा सरकारी निर्माण कार्यों में उपयोग हो रहे बालू की जांच कराने की मांग की है, ताकि सरकार व विभाग को राजस्व घाटा न हो।
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बराकर नदी के दलांगी घाट में करोड़ों की लागत से बन रहा नवनिर्मित पुल के पास से बालू का अवैध तरीके से उठाव हो रहा है। उसके बाद भी पुल निर्माण विभाग के पदाधिकारी चुप है।
पुल के पास ठेकेदार बालू जमा कर रखा है। जबकि पूरे देश में 15 जून से खनन पर रोक लगा दी गई है। यह रोक 15 अक्टूबर तक रहेगी। ग्रामीण का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर कभी-कभार बिना नंबर के एक-दो ट्रैक्टर पकड़ कर थाना लाया जाता है। फिर विभाग फाइन लेकर मुक्त कर देता है। इसकी ठीक से जांच जिला परिवहन पदाधिकारी करे तो जब्त ट्रैक्टर थाना से मुक्त हो ही नहीं सकता।
सीओ संदीप मधेशिया ने कहा कि लगातार अवैध बालू उठाव के खिलाफ छापेमारी की जा रही है। हाल में ही चार बिना नंबर के ट्रैक्टर के साथ अवैध बालू जब्त किया गया। कार्रवाई आगे भी होती रहेगी। प्रशासन पर आरोप निराधार है।