शादी से 3 दिन पहले गायब युवक का बिहार में मिला शव, गिरिडीह में लोगों ने शव रखकर सड़क किया जाम
गिरिडीह में शादी से पहले गायब हुए नीरज का शव बिहार में मिलने के बाद, पुलिस की लापरवाही के विरोध में सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम कर थानेदार को निलंबित कर ...और पढ़ें
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चितरडीह पहाड़ी के पास शनिवार को सड़क जाम करते लोग।
HighLights
नीरज हत्याकांड पर जमुआ पुलिस के रवैये से आक्रोश।
शव मिलने के बाद सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम की।
थानेदार को निलंबित करने और दोषियों को फांसी की मांग।
संवाद सहयोगी, जमुआ (गिरिडीह)। नीरज हत्याकांड मामले में जमुआ पुलिस के रवैया से लोगों में आक्रोश है। शनिवार सुबह नीरज के शव के साथ सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित महिला-पुरुषों ने जमुआ-पचंबा मुख्य मार्ग को चित्तरडीह पहाड़ी के पास जाम कर दिया।
आक्रोशित लोग थानेदार को सस्पेंड करने और दोषियों को फांसी पर लटकाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान जमुआ पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की जा रही थी। जाम लगने की सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस बलों के साथ इंस्पेक्टर प्रदीप दास वहां पहुंचे।
सड़क जाम कर रहे लोगों के साथ बातचीत का प्रयास किया, लेकिन वे लोग अपनी मांग पर अड़े थे। मृतक की मां का कहना था कि उसके बेटा की हत्या थाना प्रभारी की लापरवाही के कारण हुई है। सात जुलाई को उसकी शादी होने वाली थी। शादी के लिए वह राजस्थान से घर आ रहा था।

चार जुलाई को जमुआ पहुंचने के बाद वह अपने पिता के साथ गांव आने लगा तभी उसके होने वाले साढ़ू का फोन आ गया। साढ़ू ने उससे कुछ देर रुककर जाने को कहा। इसके बाद उसने अपने पिता को सामान देकर घर भेज दिया। बाद में शाम तक वह घर नहीं लौटा तो चिंता होने लगी।
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5 जुलाई को जमुआ थाना में आवेदन दिया गया। मृतक की मां के अनुसार बाद में थाना प्रभारी से नीरज की खोजबीन के बाबत पूछने पर उन्होंने कहा कि उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है कि तुरंत उसे ढूंढ देंगे।
उन्होंने कहा कि उनके बेटे का पता लगाने में पुलिस ने सुस्ती बरती। बाद में नौ जुलाई को नीरज का शव बिहार के जमुई जिला अंतर्गत चकाई थाना क्षेत्र के बीचकोडवा से बरामद हुआ। शनिवार दोपहर तक आक्रोशित लोग सड़क जाम किए हुए थे। प्रशासन के लोग उन्हें समझा बुझाकर जाम हटाने का प्रयास कर रहे थे।