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    जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया का कहर: मां समेत 2 मासूम मिले संक्रमित, गंभीर हालत में सदर अस्पताल रेफर

    By Shankar GuptaEdited By: Shashank Baranwal
    Updated: Fri, 10 Jul 2026 07:52 PM (IST)

    पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप जारी है, जहां हरिणा पंचायत के चिरूगोड़ा गांव में एक ही परिवार के मां और दो बच्चे संक्रमित पाए गए हैं। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पोटका में एक ही परिवार के तीन सदस्य ब्रेन मलेरिया से संक्रमित।

    2. मां और दो बच्चों को गंभीर हालत में सदर अस्पताल भेजा गया।

    3. मुखिया ने मलेरिया नियंत्रण हेतु चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस की मांग की।

    संवाद सूत्र, पोटका। पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। हरिणा पंचायत के चिरूगोड़ा गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के ब्रेन मलेरिया से संक्रमित पाए जाने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। संक्रमितों में 35 वर्षीय आशा मुर्मू, उनका 6 वर्षीय पुत्र फूदान मुर्मू तथा 4 वर्षीय पुत्र देव मुर्मू शामिल हैं।

    तीनों को गुरुवार को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पोटका में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान दोनों बच्चों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मां समेत तीनों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद 108 एंबुलेंस की सहायता से उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया।

    हरिणा पंचायत की मुखिया सरस्वती मुर्मू ने बताया कि पंचायत के अधिकांश गांव मलेरिया प्रभावित क्षेत्र हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से पंचायत में अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाकर नियमित जांच एवं उपचार की व्यवस्था करने की मांग की, ताकि ब्रेन मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।

    साथ ही उन्होंने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की। उनका कहना था कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    सीएचसी पोटका के चिकित्सक डॉ. सत्यनारायण भगत ने बताया कि वर्तमान में छह मलेरिया मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से चार मरीज स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि मलेरिया से बचाव और उपचार के लिए मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरी दवा नियमित रूप से लेनी चाहिए। दवा बीच में छोड़ देने से संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और ब्रेन मलेरिया जैसी जटिल स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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