चाकुलिया में गजराज का तांडव: रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे तकनीशियन को हाथी ने पटक-पटक कर मारा, 15 दिनों में दूसरी मौत
पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया में जंगली हाथियों का आतंक जारी है, जहां एक रेलवे तकनीशियन को हाथी ने पटक कर मार डाला। यह 15 दिनों में दूसरी मौत है, जिससे व ...और पढ़ें

घाटशिला जंगल में हाथी के जोरदार प्रहार से अधेड़ की मौत हो गई।
जागरण संवाददाता, चाकुलिया। पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का खतरा अब बेहद भयावह रूप ले चुका है। इलाके में गजराज साक्षात यमराज बनकर घूम रहे हैं और दिन के उजाले में लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
ताजा मामला सोमवार दोपहर करीब 12 बजे का है, जहां चाकुलिया एवं कोकपाड़ा रेलवे स्टेशन के बीच सुनसुनिया में रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे एक तकनीशियन को जंगली हाथी ने उठाकर पटक दिया।
गंभीर रूप से घायल रेल कर्मी की देर शाम पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के काठुआ निवासी संजीव सिन्हा (53) के रूप में हुई है, जो एमआरटी सिग्नल लिमिटेड कंपनी में तकनीशियन के पद पर कार्यरत थे।
सिग्नल वायरिंग के दौरान अचानक आ धमका झुंड
वे तीन दिन पहले ही ओडिशा लाइन का काम पूरा कर चाकुलिया आए थे। सोमवार को जब वह सुनसुनिया के पास रेलवे ट्रैक पर सिग्नल वायरिंग का काम कर रहे थे, तभी अचानक पास के जंगल से एक दर्जन हाथियों का झुंड निकल आया।
हाथियों को देख संजीव ने भागने की कोशिश की, लेकिन एक विशालकाय हाथी ने उन्हें लपेटे में ले लिया और बुरी तरह घायल कर दिया। उनके साथ काम कर रहे दो अन्य रेल कर्मियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
झाड़ग्राम में तोड़ा दम, वन विभाग ने दी तात्कालिक सहायता
घटना के तुरंत बाद कंपनी के लोग घायल संजीव को चाकुलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए। सिर, पैर और कमर में गंभीर चोट होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम रेफर कर दिया, जहां देर शाम उन्होंने दम तोड़ दिया।
चाकुलिया सीएचसी पहुंचे वनरक्षी मुकेश गोराई ने पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में 5000 रुपये की नकद राशि प्रदान की है।
15 दिनों में दूसरी मौत, वन विभाग के सारे प्रयास फेल
चाकुलिया वन क्षेत्र में वन विभाग के तमाम दावे और सुरक्षा उपाय नाकाम साबित हो रहे हैं। जून महीने के शुरुआती 15 दिनों के भीतर ही हाथियों ने दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया है:
- 06 जून: हवाई पट्टी क्षेत्र में पश्चिम बंगाल के चांदुआ निवासी निर्मल महतो को हाथी ने पटका था, जिनकी 12 जून को मौत हो गई।
- 12 जून: जमुआ पंचायत के बेनाशोली गांव के काबुल मुंडा (60 वर्ष) को हाथी ने जख्मी कर दिया, जिनकी स्थिति अब भी गंभीर है।
- 15 जून: रेलवे तकनीशियन संजीव सिन्हा को हाथियों ने मौत की नींद सुला दिया।
चाकुलिया में दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है खौफ
सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि ये तीनों घटनाएं दिन के उजाले में हुई हैं। वन विभाग हाथियों को खदेड़ने और रिहायशी इलाकों से दूर रखने के लिए मधुमक्खी पालन से लेकर एआई (AI) कैमरे लगाने तक की तकनीक आजमा चुका है, लेकिन इसके बावजूद जंगली हाथियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल है।