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    Jharkhand News: जमशेदपुर की 'खाऊ गलियां' बनीं अपराध का अड्डा, स्कूल-कॉलेजों के पास बढ़ रहा खतरा

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 12:10 PM (IST)

    जमशेदपुर में स्कूल-कॉलेजों के पास की 'खाऊ गलियां' अब अपराध के अड्डे बन रही हैं। इन अवैध ठिकानों पर देर रात तक अड्डेबाजी, नशाखोरी और दबंगई का माहौल रहत ...और पढ़ें

    खाऊ गलियां बन रहीं अपराध का अ़ड्डा। ग्राफिक्स एआई जनरेटेड

    खाऊ गलियां बन रहीं अपराध का अ़ड्डा। ग्राफिक्स एआई जनरेटेड

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    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। स्कूल-कॉलेज और कार्यालयों के आसपास खाली जगहों पर तेजी से उभर रही तथाकथित खाऊ गलियां अब आम लोगों, खासकर छात्र-छात्राओं के लिए खतरे का कारण बनती जा रही हैं।

    इन अवैध दुकानों के आसपास बाहरी युवकों का जमावड़ा लगने लगा है, जहां देर शाम से लेकर पूरी रात तक अड्डेबाजी, नशाखोरी और दबंगई का माहौल बना रहता है।

    सबसे आश्चर्य है कि इन दुकानों में पानी और बिजली भी उपलब्ध है। कहां से किस तरीके से ये व्यवस्था दुकानों में वो जांच का विषय है।

    बिष्टुपुर क्षेत्र डीए स्कूल-कॉलेज के पास शुरू हुई ये दुकानें अब टाटा फुटबाल अकादमी के पास स्थित सरकारी स्कूल, साकची में जुबली पार्क, बसंत सिनेमा रोड के सामने, साकची सब्जी मार्केट, सोनारी, कदमा और अन्य इलाके तक फैल चुकी हैं।

    हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि छोटी-छोटी बातों पर भी हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में चाय नहीं मिलने पर कुछ युवकों ने एक युवती पर गर्म चाय फेंक दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर इलाजरत है।

    वहीं, मंगलवार को बिष्टुपुर में चापड़बाजी की घटना ने इलाके में दहशत फैला दी थी। इससे पहले वहां कुछ माह पहले फायरिंग की घटना भी हो चुकी है जिस क्षेत्र में जहां भी अवैध रूप से दुकानें लग रही है। वहां यातायात व्यवस्था बाधित हो जाती है।

    टाटानगर स्टेशन के रेल एसपी और आरपीएफ कार्यालय के आसपास भी रातभर युवकों की भीड़ लगी रहती है, जहां आए दिन मारपीट और विवाद की घटनाएं सामने आती हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि खाऊ गलियों में असामाजिक तत्वों का कब्जा बढ़ता जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। इन अवैध दुकानों के कारण ही असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

    बिना किसी निगरानी और नियंत्रण के चल रही ये दुकानें अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो ये खाऊ गलियां आने वाले समय में बड़े अपराधों का केंद्र बन सकती हैं।

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    खाओ गली संस्कृति और चापड़ प्रवृत्ति पर रोक लगाए प्रशासन: सुधीर कुमार पप्पू

    अधिवक्ता सह समाजवादी चिंतक सुधीर कुमार पप्पू ने शहर में बढ़ रही खाऊ गली संस्कृति और चापड़ प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए पुलिस- प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है।

    अधिवक्ता ने बताया पिछले कुछ वर्षों में ठेला और गुमटी लगाने की होड़ लग गई है, जिसमें अपराधी और नशेड़ी खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं।

    इसके चलते सड़कें जाम हो रही हैं, छेड़खानी, चोरी और मारपीट जैसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम जनता को काफी परेशानी हो रही है। प्रशासन, पुलिस, जेएनएसी और टाटा स्टील के अधिकारियों से इस पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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