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    Jamshedpur में मंइयां सम्मान योजना के सत्यापन में बदइंतजामी, हंगामे के बाद प्रखंड कार्यालय के गेट पर पुलिस ने जड़ा ताला

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 11:15 PM (IST)

    जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय में 'मंइयां सम्मान योजना' के सत्यापन में अव्यवस्था के चलते सैकड़ों महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। घंटों इंतजार और बुनियादी स ...और पढ़ें

    एआई की ओर से बनाई गई तस्‍वीर।

    एआई की ओर से बनाई गई तस्‍वीर।

    HighLights

    1. मंइयां सम्मान योजना सत्यापन में बदइंतजामी से महिलाओं का गुस्सा फूटा।

    2. घंटों कतार में खड़ी महिलाओं को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झुलसाती धूप, पसीने से लथपथ चेहरा और थकावट से लाल हो चुकीं आंखें... यह मंजर सोमवार को जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय का था, जहां 'मंइयां सम्मान योजना' के सत्यापन (वेरिफिकेशन) की आस में पहुंचीं सैकड़ों महिलाओं का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। 
     
    घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी जब प्रखंड कर्मियों का सुस्त रवैया नहीं बदला, तो महिलाओं का गुस्सा ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा। कार्यालय परिसर में बवाल इतना बढ़ गया कि हालात को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस को बुलाना पड़ा। 
     

    न शेड की व्यवस्था, न पानी... बुनियादी सुविधाओं का अकाल 

    अंततः पुलिस ने आक्रोशित महिलाओं को परिसर से बाहर निकाला और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। पिछले एक सप्ताह से प्रखंड परिसर में सत्यापन के नाम पर रोजाना भारी घमासान मचा हुआ है। 
     
    शहर के विभिन्न इलाकों से हर दिन सैकड़ों की संख्या में जरूरतमंद महिलाएं यहां पहुंच रही हैं। आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप के बीच प्रखंड कार्यालय में बुनियादी सुविधाओं का घोर अकाल दिखा। 
     

    पीड़ित महिलाओं का दर्द और तीखे सवाल: 

    •     रेखा (कतार में खड़ी महिला): हम यहां सम्मान पाने आए हैं या सजा भुगतने? प्रशासन बस हाथ पर हाथ धरे तमाशा देख रहा है। 
    •     सरिता (आवेदक): भीड़ को देखकर सत्यापन के लिए अतिरिक्त काउंटर क्यों नहीं बढ़ाए जाते? व्यवस्था की इस बदहाली के कारण रोजाना दर्जनों महिलाओं को बिना वेरिफिकेशन के ही मायूस लौटना पड़ रहा है।


    मजबूरी का फायदा उठा रहे दलाल, बीडीओ ने दी चेतावनी 

    परिसर में न तो महिलाओं के सिर छिपाने के लिए किसी शेड (टेंट) की व्यवस्था की गई है और न ही पीने के पानी का कोई इंतजाम है। एक तरफ जहां प्रशासन की अव्यवस्था से महिलाएं बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ दलालों की गिद्ध दृष्टि इस मजबूरी का फायदा उठाने में लगी है। 
     
    दो दिन पूर्व ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को गुप्त सूचना मिली थी कि कार्यालय के बाहर कुछ सक्रिय दलाल फॉर्म भरने और काम जल्दी कराने के एवज में गरीब महिलाओं से पैसे ऐंठ रहे हैं।  इस पर संज्ञान लेते हुए बीडीओ ने जमकर फटकार लगाते हुए ऐसे तत्वों को सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
     

    हंगामे के बाद अपमान का घूंट पीकर लौटीं महिलाएं 

    सोमवार को हालात तब पूरी तरह बेकाबू हो गए, जब कर्मियों की सुस्त कार्यशैली से खफा होकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया और कार्यालय के भीतर जमकर हंगामा काटा। बवाल की सूचना मिलते ही दलबल के साथ पहुंची पुलिस ने पहले महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया।

    जब आक्रोशित महिलाएं टस से मस नहीं हुईं और काउंटर खोलने की मांग पर अड़ी रहीं, तो पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी को परिसर से बाहर खदेड़ दिया और कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया। नतीजा यह हुआ कि सम्मान की आस में दूर-दराज से आई महिलाओं को अंततः अपमान का घूंट पीकर खाली हाथ घर लौटना पड़ा।

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