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    अब छत-बालकनी में उगेंगी ताजी सब्जियां: जमशेदपुर में अर्बन फार्मिंग को बढ़ावा, सरकार दे रही 75% सब्सिडी

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    जमशेदपुर में उद्यान विभाग शहरी बागवानी को बढ़ावा दे रहा है, जिससे लोग घर पर फल-सब्जियां उगा सकें। सरकार घरों में बागवानी के लिए 75% और कार्यालयों में ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. जमशेदपुर में शहरी बागवानी को बढ़ावा दे रहा उद्यान विभाग।

    2. घर पर फल-सब्जियां उगाने के लिए 75% अनुदान।

    3. कार्यालयों में सजावटी पौधों पर 100% सब्सिडी उपलब्ध।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने, पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने और लोगों को प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से उद्यान विभाग ने अर्बन फार्मिंग (शहरी बागवानी) को प्रोत्साहित करने की पहल तेज कर दी है।

    अब शहरवासी अपने घर के आंगन, छत, बालकनी या कार्यालय परिसर की छोटी-सी जगह में भी फल, फूल और सब्जियों की खेती कर सकेंगे। इसके लिए सरकार अनुदान पर पौधे और बीज उपलब्ध करा रही है।

    जिला उद्यान पदाधिकारी अनिमा लकड़ा ने बताया कि कार्यालयों में हरियाली बढ़ाने के लिए इनडोर सजावटी पौधे 100 प्रतिशत अनुदान पर दिए जाएंगे। वहीं घर की छत या बालकनी में बागवानी करने के इच्छुक एकल लाभार्थियों को 75 प्रतिशत अनुदान पर पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

    उन्होंने बताया कि इच्छुक लोग ग्राफ्टेड आम, अमरूद, नींबू, पपीता, केला, लीची, अनार, चीकू, शरीफा और बरहड़ जैसे फलदार पौधे लगा सकते हैं। इसके अलावा फूलगोभी, पत्तागोभी, शिमला मिर्च, टमाटर, गाजर, मूली, फ्रेंच बीन, धनिया सहित कई मौसमी सब्जियों के पौधे एवं भिंडी, बैंगन, मिर्च, आलू, पालक, करेला, लौकी, खीरा, परवल, तोरई और झिंगी जैसी सब्जियों के बीज भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    अनिमा लकड़ा ने कहा कि अर्बन फार्मिंग से न केवल घरों में ताजी और रसायनमुक्त सब्जियां व फल मिलेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, तापमान नियंत्रण और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।

    उन्होंने शहरवासियों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सीमित जगह में भी आधुनिक तकनीक से बेहतर बागवानी संभव है। विभाग जरूरतमंद लाभार्थियों को तकनीकी मार्गदर्शन और पौध उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

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    शहरवासी छोटी-सी जगह में भी उगा सकते हैं पौष्टिक सब्जियां और फल। इससे हरियाली तो बढ़ेगी ही साथ ही आय का एक नया साधन भी उपलब्ध हो सकेगा। शहरी क्षेत्र के इच्छुक लाभुक 20 जुलाई तक आवेदन भर कर कार्यालय जमा करेंगें।

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    अनिमा लकड़ा, जिला उद्यान पदाधिकारी , पूर्वी सिंहभूम

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