Jharkhand में बिना नक्शे वाले अवैध भवनों को वैध कराने का आखिरी मौका, 27 जून के बाद होगी नगर निगम की कार्रवाई
झारखंड सरकार ने बिना नक्शे वाले अवैध निर्माणों को 27 जून 2026 तक वैध कराने का अंतिम अवसर दिया है। इस योजना के तहत G+2 तक के भवनों को ₹10,000 (आवासीय) ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
G+2 तक के भवनों को मिलेगा नियमितीकरण का लाभ
आवासीय ₹10,000, व्यावसायिक ₹20,000 शुल्क निर्धारित
केवल G+2 तक के भवनों को ही मिलेगा लाभ
सरकार द्वारा जारी नए नियमों के तहत इस योजना का लाभ सभी प्रकार के भवनों को नहीं मिलेगा। इसके लिए कुछ कड़े मानक तय किए गए हैं:
- भवन की सीमा: इस योजना के तहत केवल ग्राउंड प्लस टू (G+2) यानी अधिकतम 10 मीटर तक की ऊंचाई वाले भवनों को ही नियमित (नियमितीकरण) किया जाएगा।
- आवासीय भवनों का शुल्क: बिना नक्शे के बने रिहायशी (आवासीय) मकानों के लिए एकमुश्त शुल्क ₹10,000 निर्धारित किया गया है।
- व्यावसायिक भवनों का शुल्क: कमर्शियल (व्यावसायिक) भवनों को वैध कराने के लिए एकमुश्त ₹20,000 का शुल्क तय किया गया है।
भालूबासा में आयोजित हुई जागरूकता बैठक
इसी सिलसिले में जमशेदपुर के भालूबासा स्थित अंजुमन फैजुल गुरबा मुस्लिम सोसायटी कार्यालय में एक विशेष जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सोसायटी के सचिव मोहम्मद अरशद ने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे पेनाल्टी और भविष्य की कानूनी कार्रवाइयों से बचने के लिए समय रहते इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं।
इस दौरान शहर के मशहूर आर्किटेक्ट बिलाल नासिर ने उपस्थित लोगों को आवेदन करने की पूरी तकनीकी व कानूनी प्रक्रिया की बारीकी से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर इस योजना का लाभ लिया जा सकता है।