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    'GANDHI PARIVAR' संकट में: KGM अस्पताल देने वाले परिवार का चिराग गायब, जानें कौन हैं युवा उद्यमी कैरव गांधी

    Updated: Tue, 13 Jan 2026 11:28 PM (IST)

    चांडिल के कांदरबेड़ा से 22 वर्षीय कैरव गांधी के अपहरण की आशंका जताई जा रही है। वे कोल्हान के प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवार से हैं, जिनके दादा ने कांतिलाल ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 22 वर्षीय कैरव गांधी का चांडिल से संदिग्ध अपहरण।

    2. प्रतिष्ठित गांधी परिवार के सदस्य, एम्पायर ऑटो के निदेशक।

    3. घटना ने औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। चांडिल के कांदरबेड़ा से जिस 22 वर्षीय युवक कैरव गांधी के अपहरण की आशंका जताई जा रही है, उनका नाता कोल्हान के सबसे रसूखदार और प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवारों में से एक से है। यह वही परिवार है जिसकी पहचान न केवल बड़े उद्योगों से है, बल्कि जमशेदपुर में समाज सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी इनका बड़ा योगदान रहा है।  

    सेवा की विरासत: दादा ने बनाया कांतिलाल गांधी अस्पताल 

    कैरव गांधी के दादा स्वर्गीय कांतिलाल गांधी शहर की जानी-मानी शख्सियत थे। उन्होंने जमशेदपुर को कांतिलाल गांधी मेमोरियल (KGM) अस्पताल जैसी संस्था दी। 
     
    शहर में निःशुल्क नेत्र शिविरों की शुरुआत करने का श्रेय उन्हीं को जाता है। कैरव के पिता देवांग गांधी वर्तमान में 'एसिया' (आदित्यपुर स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) के उपाध्यक्ष हैं और पारिवारिक ट्रस्ट के जरिए समाज सेवा से जुड़े हैं।  

    मेधावी छात्र और कुशल उद्यमी 

    कैरव गांधी की पहचान एक बेहद सौम्य, शांत और अपने काम के प्रति समर्पित युवा के रूप में है। कैरव लोयोला स्कूल से शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने मुंबई के प्रसिद्ध नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) से 2023 में बीबीए और मार्च 2025 में एमबीए (फैमिली बिजनेस मैनेजमेंट) पूरा किया।

    डिग्री मिलने के तुरंत बाद मार्च 2025 में वे पारिवारिक व्यवसाय में सक्रिय हुए। वर्तमान में वे आदित्यपुर फेज-6 स्थित एम्पायर ऑटो प्राइवेट लिमिटेड में बतौर पूर्णकालिक निदेशक (Director) कामकाज संभाल रहे थे। 

    आदित्यपुर में फैला है कारोबार का साम्राज्य 

    गांधी परिवार का व्यापारिक साम्राज्य आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र (आयडा) में काफी व्यापक है। इस परिवार की कुल 6 बड़ी कंपनियां संचालित हैं:

    •     एम्पायर ऑटो प्राइवेट लिमिटेड: मुख्य रूप से कैरव इसी यूनिट का संचालन देख रहे थे। 
    •     न्यूटेक ऑटो लिमिटेड: ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स निर्माण में अग्रणी कंपनी।
    •     अन्य चार इकाइयां: ये कंपनियां टाटा मोटर्स जैसी दिग्गज कंपनियों को ऑटो पार्ट्स की आपूर्ति करती हैं। 

    सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल  

    बिष्टुपुर के कांट्रेक्टर एरिया से सफर शुरू कर सर्किट हाउस (CH) एरिया जैसे पॉश इलाके में रहने वाले इस रसूखदार परिवार के बेटे के साथ हुई इस घटना ने पुलिसिया सुरक्षा और इंटेलिजेंस पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि अगर इतने बड़े और विवादों से दूर रहने वाले उद्यमी परिवार के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो आम नागरिक और छोटे व्यापारी कितने सुरक्षित हैं?

     

    कैरव गांधी का प्रोफाइल (AtGlance)  

        उम्र: 22 वर्ष।

        शिक्षा: MBA (नरसी मोनजी, मुंबई)।

        पद: डायरेक्टर, एम्पायर ऑटो प्राइवेट लिमिटेड।

        पारिवारिक रसूख: दादा (कांतिलाल गांधी), पिता (देवांग गांधी - उपाध्यक्ष, एसिया)।

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