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₹2500 की आस और बदइंतजामी का सितम! जमशेदपुर में Heatwave के बीच मंईयां सम्मान योजना का भौतिक सत्यापन

Published: Mon, 25 May 2026 09:58 PM (IST)

जमशेदपुर में मंईयां सम्मान योजना के भौतिक सत्यापन के दौरान महिलाएं भीषण गर्मी और अव्यवस्था का सामना कर रही हैं। ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेटेड तस्‍वीर।

एआई द्वारा जेनरेटेड तस्‍वीर।

HighLights

  1. भीषण गर्मी में महिलाएं मंईयां सम्मान योजना सत्यापन को परेशान।

  2. सुविधाओं की कमी से एक महिला हीट स्ट्रोक का शिकार।

  3. प्रशासनिक उदासीनता से कल्याणकारी योजना के उद्देश्य पर सवाल।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी 'मंईयां सम्मान योजना' के भौतिक सत्यापन को लेकर इन दिनों जमशेदपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में महिला आवेदकों की भीड़ उमड़ रही है। सरकार की इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को भीषण गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
 
शहर का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और इस चिलचिलाती धूप व लू के थपेड़ों के बीच महिलाएं घंटों कतार में खड़े रहने को विवश हैं। प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में प्रशासनिक उदासीनता का आलम यह है कि यहां दूर-दराज से आने वाली महिलाओं के लिए न तो धूप से बचने के लिए शेड की कोई व्यवस्था की गई है और न ही पीने के लिए उचित पेयजल का इंतजाम है। 
 

कतार में खड़ी महिला हुई बेहोश, अस्पताल में भर्ती 

लंबी कतारों के चलते महिलाएं हाथों में छाता लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। अव्यवस्था का आलम यह है कि कड़कती धूप के कारण कतार में खड़ी कई महिलाएं लगातार अस्वस्थ हो रही हैं। 
 
हाल ही में कदमा की रहने वाली कमला देवी नामक एक महिला घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण हीट स्ट्रोक (धूप) का शिकार होकर अचानक बेहोश हो गईं। कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मचने के बाद आनन-फानन में उनके परिवार को सूचित किया गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। 

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महिलाओं ने जताया रोष: योजना के साथ इंतजाम भी दे सरकार

इसके बावजूद प्रखंड प्रशासन की ओर से अब तक सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं। सत्यापन के लिए आईं महिलाओं का कहना है कि जब सरकार की ओर से भौतिक सत्यापन का कड़ा आदेश जारी किया गया है, तो अंचल कार्यालय में उचित इंतजाम भी सुनिश्चित होने चाहिए। 
 
महिलाओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिना बुनियादी सुविधाओं के इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बुलाना उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। गौरतलब है कि झारखंड सरकार की इस महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाना है। 
 
इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में (डीबीटी के माध्यम से) प्रदान की जाती है। लेकिन वर्तमान में स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कुप्रबंधन इस कल्याणकारी सोच पर भारी पड़ता दिख रहा है।

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