बच्चा चोरी की अफवाह पर मानसिक विक्षिप्तों की घेरकर पिटाई, पुलिस ने किया रेस्क्यू
पोटका में बच्चा चोरी की अफवाहों से दहशत फैल गई है। रसूनचोपा में ग्रामीणों ने दो मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों को बच्चा चोर समझकर घेर लिया और मारपीट की ...और पढ़ें
-1772866736471_m.webp)
बच्चा चोरी की अफवाह पर बेकसूर की पिटाई। फोटो जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, पोटका। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बच्चा चोरी की अफवाह तेजी से फैल रही है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। अफवाहों को रोकने के लिए कोवाली पुलिस लगातार शांति समिति की बैठकों और चौक-चौराहों पर लोगों को जागरूक कर रही है।
इसके बावजूद शनिवार सुबह के दस बजे रसूनचोपा पंचायत स्थित रसूनचोपा बस स्टैंड के समीप अफवाह के कारण दो मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला और पुरुष को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर घेर लिया।
ग्रामीणों के शक के आधार पर दोनों को काफी देर तक रोके रखा गया तथा कुछ लोगों द्वारा मारपीट भी की गई। मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के कारण दोनों अपनी सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे, जिससे लोगों का शक और बढ़ गया और मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुट गए।
मामले की सूचना मिलते ही कोवाली थाना प्रभारी धनंजय कुमार पासवान ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर दोनों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और थाना लाया। थाना में भी दोनों अपनी पूरी जानकारी देने में असमर्थ रहे, जिससे स्पष्ट हुआ कि वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं।
अफवाह से दूर रहने की सलाह
इधर, बच्चा चोरी की अफवाह के कारण रसूनचोपा हेंसड़ा क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से लोग रात में भी चिंतित और सतर्क नजर आ रहे हैं। शुक्रवार रात को भी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी गांव पहुंचे और ग्रामीणों को अफवाह से दूर रहने की अपील की।
खबरें और भी
थाना प्रभारी धनंजय कुमार पासवान ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को देखकर उसे बच्चा चोर समझकर मारपीट न करें। यदि किसी पर शक हो तो तुरंत कोवाली पुलिस को सूचना दें और कानून को हाथ में न लें।
प्रशासन 24 घंटे लोगों की सुरक्षा के लिए तत्पर है। उन्होंने थाना का मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पोटका थाना क्षेत्र के मानपुर पंचायत में कृषि विभाग के एक सर्वेयर को भी बच्चा चोर के शक में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप और जागरूकता के बाद उन्हें मुक्त कराया गया। लगातार फैल रही ऐसी अफवाहों से क्षेत्र में लोग परेशान नजर आ रहे हैं।