JFC डिफेंडर निखिल का सपना हुआ सच: लंदन में भारत के लिए खेला पहला इंटरनेशनल मैच, झारखंड का नाम किया रोशन
जमशेदपुर एफसी के 22 वर्षीय लेफ्ट-बैक निखिल बारला ने लंदन में यूनिटी कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ सीनियर भारतीय फुटबॉल टीम के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय ...और पढ़ें

निखिल बारला
HighLights
जिम्बाब्वे के खिलाफ यूनिटी कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
खूंटी जिले के इस खिलाड़ी ने झारखंड को गौरवान्वित किया।
जासं, जमशेदपुर। झारखंड के फुटबॉल प्रेमियों और विशेषकर खूंटी जिले के लिए बेहद गौरवशाली क्षण आया है। जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (JFC) के 22 वर्षीय प्रतिभावान लेफ्ट-बैक निखिल बारला ने लंदन में आयोजित यूनिटी कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ सीनियर भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर एक नया इतिहास रच दिया है।
लंदन के प्रसिद्ध द वैली स्टेडियम में खेले गए इस कड़े मुकाबले में हालांकि भारतीय टीम को जिम्बाब्वे के हाथों 0-1 से हार का सामना करना पड़ा और टीम टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रही।
लंदन के प्रसिद्ध द वैली स्टेडियम में खेले गए इस कड़े मुकाबले में हालांकि भारतीय टीम को जिम्बाब्वे के हाथों 0-1 से हार का सामना करना पड़ा और टीम टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रही।
हालांकि यह मैच झारखंड के फुटबॉल इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच खालिद जमील के मार्गदर्शन में निखिल बारला मैच के 89वें मिनट में अनुभवी खिलाड़ी निखिल पूजारी की जगह मैदान पर उतरे और सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए अपनी पहली इंटरनेशनल कैप हासिल की।
खूंटी से नेशनल टीम तक का प्रेरणादायक सफर
निखिल बारला का खेल के शिखर तक पहुंचने का यह सफर झारखंड के हर उभरते हुए युवा खिलाड़ी के लिए एक बेहतरीन मिसाल है। खूंटी के सुदूर और ग्रामीण इलाके से निकलकर निखिल ने अपनी प्रतिभा के दम पर सबसे पहले जमशेदपुर की प्रतिष्ठित टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) में दाखिला लिया।
टीएफए में शानदार खेल की बदौलत उन्होंने जेएफसी (JFC) की मुख्य टीम में अपनी जगह बनाई और इंडियन सुपर लीग (ISL) के एक नियमित खिलाड़ी बन गए। जेएफसी क्लब स्तर पर कोच खालिद जमील के साथ काम करने का बेहतरीन तालमेल और फायदा अंततः उन्हें राष्ट्रीय टीम के चयन में भी मिला।
टीएफए में शानदार खेल की बदौलत उन्होंने जेएफसी (JFC) की मुख्य टीम में अपनी जगह बनाई और इंडियन सुपर लीग (ISL) के एक नियमित खिलाड़ी बन गए। जेएफसी क्लब स्तर पर कोच खालिद जमील के साथ काम करने का बेहतरीन तालमेल और फायदा अंततः उन्हें राष्ट्रीय टीम के चयन में भी मिला।
मेरा सबसे बड़ा सपना आज सच हुआ: निखिल बारला
देश के लिए डेब्यू करने के बाद निखिल बारला ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देश की नीली जर्सी पहनना हमेशा से मेरा सबसे बड़ा सपना था। भले ही मुझे मैदान पर कुछ ही मिनट मिले, लेकिन यह अहसास मेरे जीवन का सबसे खास और अविस्मरणीय पल है।
बकौल निखिल यह तो बस शुरुआत है। उन्होंने झारखंड के युवाओं और उभरते खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए आगे कहा कि अगर खूंटी का एक सामान्य लड़का देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सकता है, तो आप भी अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर कुछ भी हासिल कर सकते हैं।
आगे की राह: यूनिटी कप के समापन के बाद अब भारतीय फुटबॉल टीम ताजिकिस्तान के खिलाफ होने वाले आगामी मैचों की तैयारियों में जुट जाएगी, जहां निखिल बारला राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह को और मजबूत करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।
बकौल निखिल यह तो बस शुरुआत है। उन्होंने झारखंड के युवाओं और उभरते खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए आगे कहा कि अगर खूंटी का एक सामान्य लड़का देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सकता है, तो आप भी अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर कुछ भी हासिल कर सकते हैं।
आगे की राह: यूनिटी कप के समापन के बाद अब भारतीय फुटबॉल टीम ताजिकिस्तान के खिलाफ होने वाले आगामी मैचों की तैयारियों में जुट जाएगी, जहां निखिल बारला राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह को और मजबूत करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।