Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    टाटा स्टील ग्रेड रिवीजन अपडेट: 7 साल के लिए होगा नया समझौता, बेसिक पे और भत्तों में बढ़ोतरी पर चर्चा

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 11:27 PM (GMT+05:30)

    टाटा स्टील के 10,800 कर्मचारियों के ग्रेड रिवीजन की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वार्ता निर्णायक मोड़ पर है, अगले माह ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    HighLights

    1. वार्ता निर्णायक मोड़ पर, जल्द होगा नया वेतन समझौता।

    2. यूनियन की मांग 23-27% एमजीबी, वेतन विसंगति दूर हो।

    3. सात साल का समझौता संभावित, कलिंगानगर कर्मचारी भी शामिल।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा स्टील के करीब 10,800 स्थायी कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित ग्रेड रिवीजन (वेतन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच शनिवार को हुई बैठक के बाद वार्ता निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। 
     
    सूत्रों के अनुसार, अगले दो दिनों के भीतर फिर से बैठक होने की संभावना है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले माह तक नए वेतन समझौते पर अंतिम सहमति बन जाएगी।
     

    23 से 27 प्रतिशत MGB पर यूनियन का जोर

    यूनियन द्वारा प्रबंधन को सौंपे गए मांग पत्र (CharterofDemands) पर अब बिंदुवार चर्चा शुरू हो गई है। यूनियन की कोशिश है कि कर्मचारियों के लिए 23 से 27 प्रतिशत तक एमजीबी(MinimumGuaranteedBenefit) सुनिश्चित कराई जाए। इसके अलावा वार्ता के मुख्य केंद्र में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं: 

    •     वेतन विसंगति: ‘स्टील ग्रेड’ और ‘एनएस (NS) ग्रेड’ के कर्मचारियों के बीच के वेतन अंतर को कम करना।
    •     भत्तों में वृद्धि: बेसिक पे को संतुलित करने के साथ-साथ विभिन्न भत्तों और चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी।
    •     अवधि: पूर्व की परंपरा को निभाते हुए इस बार भी वेतन समझौते की अवधि 7 वर्ष रहने की प्रबल संभावना है।


    कलिंगानगर के साथ संयुक्त वार्ता 

    टाटा स्टील प्रबंधन केवल जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि कलिंगानगर प्लांट के कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण को लेकर भी गंभीर है, जो 1 अप्रैल 2026 से लंबित है। इसे देखते हुए प्रबंधन ने कलिंगानगर के यूनियन नेताओं को जमशेदपुर बुलाकर संयुक्त वार्ता शुरू की है।
     
    हाल ही में टाटा मोटर्स में हुए सफल ग्रेड रिवीजन के बाद टाटा स्टील प्रबंधन पर भी समय सीमा के भीतर समझौता करने का नैतिक दबाव बढ़ा है। कर्मचारियों को समझौते का बेसब्री से इंतजार है।
     

    VRS और निवेश पर भी नजर 

    एक ओर जहां वेतन समझौते पर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी मैनपावर को युक्तिसंगत बनाने में भी जुटी है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना ‘सुनहरे भविष्य की योजना 5.0’ (VRS) की अवधि को 31 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। 

    इसके साथ ही, टाटा स्टील भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार हो रही है। कंपनी स्लैग से बाय-प्रोडक्ट तैयार करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है। सुरक्षा तंत्र को और अधिक पुख्ता करने के लिए सेफ्टी विभाग में भी प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं।

    यह भी पढ़ें- टाटा स्टील अपडेट: अप्रैल-मई तक फाइनल हो सकता है नया वेतन समझौता, कलिंगनगर यूनियन के साथ भी होगी वार्ता

    यह भी पढ़ें- Tata Steel में 'सैलरी वाली दीपावली' की तैयारी: मई में बोनस जैसा वेज रिवीजन; 27% तक बढ़ सकता है वेतन

    खबरें और भी