टाटा स्टील ग्रेड रिवीजन अपडेट: 7 साल के लिए होगा नया समझौता, बेसिक पे और भत्तों में बढ़ोतरी पर चर्चा
टाटा स्टील के 10,800 कर्मचारियों के ग्रेड रिवीजन की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वार्ता निर्णायक मोड़ पर है, अगले माह ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
वार्ता निर्णायक मोड़ पर, जल्द होगा नया वेतन समझौता।
यूनियन की मांग 23-27% एमजीबी, वेतन विसंगति दूर हो।
सात साल का समझौता संभावित, कलिंगानगर कर्मचारी भी शामिल।
23 से 27 प्रतिशत MGB पर यूनियन का जोर
यूनियन द्वारा प्रबंधन को सौंपे गए मांग पत्र (CharterofDemands) पर अब बिंदुवार चर्चा शुरू हो गई है। यूनियन की कोशिश है कि कर्मचारियों के लिए 23 से 27 प्रतिशत तक एमजीबी(MinimumGuaranteedBenefit) सुनिश्चित कराई जाए। इसके अलावा वार्ता के मुख्य केंद्र में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- वेतन विसंगति: ‘स्टील ग्रेड’ और ‘एनएस (NS) ग्रेड’ के कर्मचारियों के बीच के वेतन अंतर को कम करना।
- भत्तों में वृद्धि: बेसिक पे को संतुलित करने के साथ-साथ विभिन्न भत्तों और चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी।
- अवधि: पूर्व की परंपरा को निभाते हुए इस बार भी वेतन समझौते की अवधि 7 वर्ष रहने की प्रबल संभावना है।
कलिंगानगर के साथ संयुक्त वार्ता
VRS और निवेश पर भी नजर
एक ओर जहां वेतन समझौते पर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी मैनपावर को युक्तिसंगत बनाने में भी जुटी है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना ‘सुनहरे भविष्य की योजना 5.0’ (VRS) की अवधि को 31 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है।
इसके साथ ही, टाटा स्टील भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार हो रही है। कंपनी स्लैग से बाय-प्रोडक्ट तैयार करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है। सुरक्षा तंत्र को और अधिक पुख्ता करने के लिए सेफ्टी विभाग में भी प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं।