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    टाटा मोटर्स के समझौते से टाटा स्टील यूनियन पर वेतन समझौता जल्द कराने का दबाव, 1 जनवरी 2025 से लंबित

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 04:58 PM (IST)

    टाटा मोटर्स में समय से पहले वेतन समझौता होने के बाद अब टाटा स्टील के कर्मचारियों पर अपनी यूनियन पर दबाव बढ़ गया है। टाटा स्टील में 1 जनवरी 2025 से वेत ...और पढ़ें

    टाटा स्टील में एक जनवरी 2025 से लंबित है कर्मचारियों का वेतन समझौता।

    टाटा स्टील में एक जनवरी 2025 से लंबित है कर्मचारियों का वेतन समझौता।

    HighLights

    1. टाटा स्टील में एक जनवरी 2025 से वेतन समझौता लंबित।

    2. टाटा मोटर्स ने कर्मियों को 25 हजार का एकमुश्त लाभ दिया।

    3. यूनियन पर ओल्ड-न्यू ग्रेड विलय और जल्द समझौते का दबाव।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा मोटर्स में भले ही ग्रेड रिवीजन समझौता हुआ हो लेकिन इसका दबाव अब टाटा स्टील में भी देखने को मिल रहा है। कमेटी मेंबर टाटा वर्कर्स यूनियन कार्यालय पहुंचकर पदाधिकारियों से एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि उनकी कंपनी में आखिर वेतन समझौता कब फाइनल होगा।

    टाटा स्टील में कार्यरत 10,800 कर्मचारियों का वेतन समझौता एक जनवरी 2025 से लंबित है। 15 माह का समय व्यतीत होने को है लेकिन यहां वेतन समझौते पर वार्ता निर्णायक मोड पर नहीं पहुंच पाई है।

    दूसरी ओर, टाटा मोटर्स में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन समझौता एक अप्रैल 2026 से लंबित होना है, लेकिन टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन ने इस पर पहल करते हुए न सिर्फ समय से पहले समझौता कराया बल्कि वहां कार्यरत 7,321 कर्मचारियों को 25 हजार रुपये की एकमुश्त राशि भी दिलाई।

    जबकि इधर, टाटा स्टील में कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तो, नाइट शिफ्ट, एचआरए सहित अन्य एलाउंस में जो भी बढ़ोतरी होगी उसका एरियर भी उन्हें नहीं मिलेगा।

    प्लांट में कमेटी मेंबरों को घेर रहे हैं कर्मचारी

    टाटा मोटर्स में ग्रेड रिवीजन होने के बाद एलडी-2 के कुछ कर्मचारियों ने अपने विभागीय कमेटी मेंबरों से पूछा कि उनके यहां वेतन समझौता कब हो रहा है जिसका जवाब कमेटी मेंबरों के पास भी नहीं था। वहीं, कई विभागों के कमेटी मेंबर यूनियन कार्यालय पहुंच रहे हैं और पदाधिकारियों से यही पूछ रहे हैं कि टाटा स्टील में कब ग्रेड रिवीजन समझौता होगा लेकिन पदाधिकारी भी मौन हैं।

    एक माह से बंद है बैठकों का दौर

    टाटा स्टील में ग्रेड रिवीजन पर प्रबंधन और यूनियन के बीच लगभग एक माह से बैठकों का दौर बंद है। ऐसे में कई कमेटी मेंबरों का कहना है कि बोनस के समय डिप्टी प्रेसिडेंट शहर से बाहर थे, इसके बावजूद वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समझौते के दौरान आनलाइन जुड़े हुए थे। यदि अध्यक्ष पारिवारिक कारणों से यदि शहर से बाहर हैं तो डिजिटल क्रांति के इस दौर में वे भी आनलाइन जुड़कर वार्ता को आगे बढ़ा सकते हैं ताकि कर्मचारियों को जल्द से जल्द बढ़े वेतन का लाभ मिल सके।

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    टाटा स्टील में ओल्ड व न्यू सीरीज ग्रेड को एक कराए यूनियन : आरसी झा

    टाटा मोटर्स की तर्ज पर टाटा स्टील में भी ओल्ड सीरीज व न्यू सीरीज के ग्रेड को यूनियन एक कराएं। कोक प्लांट के कमेटी मेंबर आरसी झा का ने टाटा वर्कर्स यूनियन नेतृत्व से यह मांग की है।

    झा का कहना है कि टाटा मोटर्स में समय पर ग्रेड रिवीजन कराना और इसके लिए कर्मचारियों को एकमुश्त 25 हजार रुपये दिलाना टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा वहां समान काम करने के लिए दो तरह के वेतन की व्यवस्था वाले ई व जेओ ग्रेड को मिलाकर टी ग्रेड बना दिया गया है यह भी ऐतिहासिक महत्व रखता है।

    हमारी यूनियन नेतृत्व को इन बातों का अध्ययन कर यहां भी ओल्ड व न्यू सीरीज का आपस में विलय कर एक ग्रेड स्ट्रक्चर बनाना चाहिए। इससे सभी कर्मचारियों के वर्तमान वेतन, भत्तों सहित अन्य सुविधाओं को सुरक्षित रखते हुए ज्यादा से ज्यादा बढ़ोतरी हो सके।

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