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चिराग तले अंधेरा: टाटा वर्कर्स यूनियन के 27 कर्मचारियों का वेतन समझौता 20 महीने से अटका, प्रबंधन पर सवाल

Published: Sat, 22 Aug 2026 01:10 PM (IST)

टाटा वर्कर्स यूनियन के 27 कर्मचारियों का वेतन समझौता 20 महीने से लंबित है, जबकि टाटा स्टील के कर्मचारियों का ...और पढ़ें

एक जनवरी 2025 से लंबित है कर्मचारियों का वेतन समझौता।

एक जनवरी 2025 से लंबित है कर्मचारियों का वेतन समझौता।

HighLights

  1. टाटा वर्कर्स यूनियन के 27 कर्मचारियों का वेतन समझौता लंबित।

  2. 20 महीने से अटका है कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण।

  3. यूनियन अध्यक्ष ने जल्द समझौते का आश्वासन दिया।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा स्टील के करीब 10 हजार कर्मचारियों के वेतन समझौते के लिए प्रबंधन से बातचीत करने वाली टाटा वर्कर्स यूनियन के अपने कार्यालय में ही कर्मचारियों का वेतन समझौता लंबित है। यूनियन कार्यालय में कार्यरत 27 कर्मचारियों का वेतन समझौता एक जनवरी 2025 से लंबित है।

इनमें 24 स्थायी और तीन अस्थायी कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे में यूनियन के इन कर्मचारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब वे अपने ही कर्मचारियों के वेतन समझौते को समय पर पूरा नहीं करा पा रहे हैं तो दूसरों के हितों की लड़ाई कैसे प्रभावी ढंग से लड़ी जाएगी।

पूर्व की परंपरा के अनुसार टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेतन समझौते के साथ ही यूनियन कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों का भी वेतन समझौता हो जाता था। इस बार टाटा स्टील के कर्मचारियों का वेतन समझौता 24 जून को संपन्न हुआ, जिसके बाद यूनियन कार्यालय के कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जुलाई के पहले सप्ताह तक उनके वेतन समझौते की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी।

हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और कर्मचारियों का इंतजार लगातार लंबा होता चला गया। यूनियन कार्यालय में स्टेनोग्राफर, आफिस ब्वाय, ड्राइवर, लाइब्रेरियन और आफिस सहायक समेत विभिन्न पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं।

इन कर्मचारियों का अधिकतम वेतन करीब 35 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह के बीच बताया जा रहा है। महंगाई के मौजूदा दौर में लंबे समय से वेतन पुनरीक्षण नहीं होने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है।

यूनियन पदाधिकारियों से ही उम्मीद

वेतन समझौता लंबित होने के कारण कर्मचारियों की निगाह अब अपने ही यूनियन पदाधिकारियों पर टिकी है। विडंबना यह है कि जिस यूनियन के पदाधिकारी टाटा स्टील प्रबंधन के साथ बैठकर कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं को लेकर बातचीत करते हैं, उसी यूनियन कार्यालय के कर्मचारी अपने वेतन समझौते के लिए इंतजार कर रहे हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि यूनियन नेतृत्व जल्द पहल करते हुए उनके वेतन समझौते को अंतिम रूप देगा।

कर्मचारियों के बीच अब यही चर्चा है कि आखिर उनका इंतजार कब खत्म होगा और उन्हें नए वेतनमान का लाभ कब मिल पाएगा। इस मामले में यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी का कहना है कि महासचिव शहर से बाहर थे, अब वे लौट आए हैं तो जल्द ही समझौता फाइनल कर लिया जाएगा।

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