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आठ सालों में चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का वेतन तीन गुना बढ़ा, पर टाटा संस का मुनाफा घटा

Published: Fri, 21 Aug 2026 01:09 PM (IST)

एन चंद्रशेखरन का वेतन आठ वर्षों में 55.1 करोड़ से बढ़कर 158.7 करोड़ रुपये हुआ, जबकि इसी अवधि में टाटा ...और पढ़ें

आठ वर्ष में टाटा संस के मुनाफे में आई 11.9% गिरावट।

आठ वर्ष में टाटा संस के मुनाफे में आई 11.9% गिरावट।

HighLights

  1. चंद्रशेखरन का वेतन आठ वर्षों में 188% बढ़ा।

  2. टाटा संस का शुद्ध मुनाफा 11.9% कम हुआ।

  3. वेतन वृद्धि समूह के लाभ से अधिक रही।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा संस के निवर्तमान चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के आठ वर्षों के कार्यकाल में उनके पारिश्रमिक में हुई रिकार्ड वृद्धि और कंपनी के मुनाफे के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। वित्त वर्ष 2017-18 से 2025-26 के दौरान चंद्रशेखरन का सालाना वेतन पैकेज 14.1 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से करीब 188 प्रतिशत यानी लगभग तीन गुना बढ़ा।

इसके विपरीत, इसी अवधि में समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस का समेकित समायोजित शुद्ध मुनाफा 11.9 प्रतिशत घटकर 20,344 करोड़ रुपये से 17,923 करोड़ रुपये रह गया।

वेतन में बढ़त का साल-दर-साल आंकड़ा

चंद्रशेखरन का पारिश्रमिक वित्त वर्ष 2017-18 में चेयरमैन पद के पहले पूर्ण वर्ष के दौरान 55.11 करोड़ रुपये था, जिसमें 47 करोड़ रुपये कमीशन शामिल था। इसके बाद वित्त वर्ष 2018-19 में यह बढ़कर 65.52 करोड़ रुपये हो गया, जबकि महामारी से प्रभावित वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 के दौरान यह 58-58 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा।

इसके बाद वित्त वर्ष 2021-22 में वेतन में बड़ा उछाल आया और यह 109 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह बढ़त आगे भी जारी रही और वित्त वर्ष 2022-23 में उनका पारिश्रमिक 113 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2023-24 में 135.32 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में 155.81 करोड़ रुपये हुआ। अंततः वित्त वर्ष 2025-26 में उनका वेतन रिकॉर्ड 158.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

वेतन संरचना में कमीशन का वर्चस्व

वित्त वर्ष 2025-26 में चंद्रशेखरन को मिले कुल 158.66 करोड़ रुपये के पैकेज में फिक्स्ड सैलरी व भत्ते केवल 17.97 करोड़ रुपये यानी लगभग 11 प्रतिशत थे। शेष 140.69 करोड़ रुपये, जो कुल राशि का 89 प्रतिशत हिस्सा है, उन्हें मुनाफा-आधारित कमीशन के रूप में प्राप्त हुआ। आठ वर्षों के इस पूरे सफर में उनका वेतन 14.1 प्रतिशत की चक्रवृद्वि दर से बढ़ता रहा।

समूह के लाभ से तुलना

टाटा संस के शुद्ध मुनाफे में जहां 11.9 प्रतिशत की संचयी गिरावट आई, वहीं टाटा की सभी सूचीबद्ध कंपनियों का कुल शुद्ध मुनाफा 9.2 प्रतिशत सीएजीआर की दर से 44,786.5 करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2018) से बढ़कर 90,698 करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2026) हुआ। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि चंद्रशेखरन के वेतन की वृद्धि दर (14.1%) समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के लाभ और शेयरधारकों के बाजार पूंजीकरण (11.9% सीएजीआर) दोनों की रफ्तार से अधिक रही।

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