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    झारखंड में ट्रेनों की लेटलतीफी होगी खत्म: 193 करोड़ का एलीफेंट कॉरिडोर और तीसरी-चौथी लाइन से बढ़ेगी रफ्तार

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 04:28 PM (IST)

    रेलवे ने बताया कि बीते 15 दिनों में ट्रेनों की समयबद्धता में 65% सुधार हुआ है। शेष लेटलतीफी दूर करने के लिए नई लाइनें बिछाई जा रही हैं और 193 करोड़ रु ...और पढ़ें

    रेल की लेटलतीफी पर सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने अपना पक्ष रखा। (फोटो: जागरण)

    रेल की लेटलतीफी पर सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने अपना पक्ष रखा। (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. ट्रेनों की समयबद्धता में 65% तक का सुधार दर्ज।

    2. टाटानगर में आठ माह में नई लूप लाइन होगी तैयार।

    3. 193 करोड़ से एलीफेंट कॉरिडोर का निर्माण जारी।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रेलवे ने साफ किया है कि बीते 15 दिनों में ट्रेनों की समयबद्धता में 65 प्रतिशत तक का सुधार दर्ज किया गया है। शेष 35 प्रतिशत लेटलतीफी को दूर करने के लिए रेलवे नई लाइनों का जाल बिछाने और 193 करोड़ रुपये की लागत से एलीफेंट कॉरिडोर के निर्माण पर तेजी से काम कर रहा है।

    विधायक सरयू राय द्वारा चलाए गए हस्ताक्षर अभियान के बाद सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने सोमवार कोरेलवे का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि दूसरे मंडलों से ही ट्रेनें देरी से आ रही हैं, जिसे सुधारने का प्रयास जारी है।

    इसके अलावा ट्रैक मेंटेनेंस, चेन पुलिंग, पटरियों पर मवेशियों व हाथियों का आना और हावड़ा-मुंबई मार्ग पर वंदे भारत व समर स्पेशल ट्रेनों के बढ़ते ट्रैफिक के कारण परिचालन प्रभावित हो रहा है। चक्रधरपुर मंडल का राजखरसावां, सीनी व गम्हरिया सेक्शन सबसे अधिक संकुचित है।

    इस जाम से मुक्ति के लिए कई सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन को स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें बागडीह-झारसुगुड़ा और आसनबनी-बागडीह के बीच चौथी लाइन, डांग्वापोशी-राजखरसावां में चौथी-पांचवीं लाइन और चांडिल-गम्हरिया व आदित्यपुर-टाटा के बीच तीसरी लाइन शामिल है। टाटानगर में छह से आठ माह में नई लूप लाइन भी शुरू हो जाएगी।

    हाथियों की सुरक्षा के मद्देनजर टाटानगर से झारसुगुड़ा के बीच पांच संवेदनशील स्थानों पर 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली ट्रेनों को 40 किमी की स्पीड से चलाना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए वन विभाग के साथ मिलकर 193 करोड़ की लागत से एलीफेंट कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसमें अंडरपास और वाच टावर बनेंगे।

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    वहीं, विधायक सरयू राय की मालगाड़ियों का चक्का जाम करने की चेतावनी पर उन्होंने इसे राजनीतिक बयान बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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