श्रावणी मेला 2026: बैद्यनाथ-बासुकीनाथ के लिए पूर्व रेलवे की खास तैयारी, 60 ट्रेनें ऑन-डिमांड उपलब्ध
पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने श्रावणी मेला 2026 के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ आने वाले कांवड़ियों हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। ...और पढ़ें

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HighLights
60 ट्रेन-ऑन-डिमांड सेवाएं कांवरियों की यात्रा सुगम बनाएंगी।
श्रावणी मेला पंडाल का क्षेत्रफल बढ़ाकर 1.29 लाख वर्ग फुट किया।
यात्री सुविधाओं और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए।
जागरण संवाददाता, जामताड़ा। श्रावणी मेला–2026 के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम एवं बासुकीनाथ आने वाले कांवड़ियों की सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
संभावित अतिरिक्त यात्री भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंडल ने ट्रेन सेवाओं का विस्तार करने के साथ-साथ जसीडीह, देवघर, बैद्यनाथ धाम एवं बासुकीनाथ स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा परिचालन समन्वय को और सुदृढ़ बनाया है।
मेले के दौरान अतिरिक्त यात्री भीड़ को सुचारु रूप से संभालने के लिए 60 ट्रेन-ऑन-डिमांड (टीओडी) सेवाओं की योजना बनाई गई है, जिन्हें यात्री मांग के अनुसार संचालित किया जाएगा, जिससे तीर्थस्थलों तक निर्बाध रेल संपर्क एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित हो सके।
यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी आधारभूत संरचना का उल्लेखनीय विस्तार किया गया है। श्रावणी मेला पंडाल का कुल क्षेत्रफल वर्ष 2025 के 69,000 वर्ग फुट से बढ़ाकर वर्ष 2026 में 1,29,000 वर्ग फुट कर दिया गया है। इसमें जसीडीह में 84,000 वर्ग फुट, देवघर में 30,000 वर्ग फुट तथा बासुकीनाथ में 15,000 वर्ग फुट क्षेत्र शामिल है।
टिकटिंग एवं यात्री सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 20 अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस) काउंटर, 6 स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम), 30 मोबाइल यूटीएस उपकरण, 13 अतिरिक्त वाटर कूलर तथा 10-10 सीटों वाली 3 मोबाइल जैव-शौचालय इकाइयों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त यात्रियों की सुविधा के लिए लगभग 400 एलईडी लाइटें, अतिरिक्त पंखे, पेयजल सुविधाएं तथा प्रतीक्षालय की भी व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जसीडीह स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के 330 कर्मियों की तैनाती की गई है। 110 सीसीटीवी कैमरों के एकीकृत नेटवर्क के माध्यम से निरंतर निगरानी की जा रही है।
साथ ही प्लेटफार्मों, फुट ओवर ब्रिजों, परिसंचरण क्षेत्रों तथा प्रवेश एवं निकास द्वारों पर विशेष भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू की गई है। प्रमुख स्थानों पर मंडलीय रेलवे अस्पतालों की चिकित्सा टीमों की चौबीसों घंटे तैनाती की गई है। अग्नि सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए 90 से अधिक अग्निशामक यंत्रों के साथ पर्याप्त अग्निशमन उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
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जसीडीह में 24×7 एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर तथा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, आसनसोल में स्थापित समर्पित वॉर रूम के माध्यम से ट्रेन परिचालन एवं विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की निरंतर निगरानी की जा रही है। इसके अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त यात्री मांग को पूरा करने के लिए दो पारंपरिक कोचिंग रेक भी तैयार रखे गए हैं।
रेलवे अधिकारी प्रभावी भीड़ प्रबंधन एवं निर्बाध रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ सतत समन्वय बनाए हुए हैं। साथ ही, कांवड़ियों के मार्गदर्शन एवं सहायता के लिए विभिन्न प्रमुख स्थानों पर रेलवे कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है।