कोडरमा में 'डंकी रूट' से चल रहा कोयला तस्करी का खेल, एक ही दिन में दो राज्यों से पकड़े गए 8 ट्रक
धनबाद से निकलने वाला कोयला अब 'डंकी रूट' से कोडरमा होते हुए बिहार जा रहा है। जीटी रोड पर सख्ती के बाद तस्करों ने यह नया रास्ता अपनाया है। हाल ही में स ...और पढ़ें
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डंकी रूट से चल रहा है कोयले का काला खेल। (AI Generated Image)

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जागरण संवाददाता, कोडरमा। धनबाद कोयलांचल से निकलने वाला कोयला अब नए रास्तों से होकर गुजर रहा है और कोडरमा इन दिनों तस्करी का बड़ा ट्रांजिट प्वाइंट बनकर उभर रहा है।
जीटी रोड पर सख्ती बढ़ने के बाद तस्करों ने कोडरमा-गिरिडीह होते हुए सतगावां के रास्ते बिहार जाने वाला तथाकथित 'डंकी रूट' पकड़ लिया है। इसके पीछे एक संगठित सिंडिकेट के सक्रिय होने की चर्चा तेज है।
सूत्रों के अनुसार गया जिले के डोभी चेकनाका पर कड़ी निगरानी के बाद कोयला लदे ओवरलोड ट्रक अब वैकल्पिक मार्गों से गुजर रहे हैं। यही कारण है कि सतगावां क्षेत्र इन दिनों तस्करों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनता जा रहा है, जबकि जिले में न तो कोई कोयला खदान है और न ही इस कारोबार का वैध केंद्र।
शुक्रवार को सतगावां थाना क्षेत्र के झारखंड-बिहार बॉर्डर स्थित दर्शननाला के समीप पुलिस ने औचक जांच अभियान चलाया। इस दौरान कोयला लदे तीन ओवरलोड ट्रकों (यूपी60 एटी-7273, जेएच 09 एपी 7062, जेएच 02 बी 9498) को जब्त किया गया।
जांच में पाया गया कि सभी ट्रक निर्धारित क्षमता से अधिक कोयला लेकर चल रहे थे, जो मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। हालांकि कार्रवाई के बाद इन ट्रकों पर क्रमश: 58,650, 68,030 और 81,090 रुपये का जुर्माना लगाकर देर रात ही छोड़ दिया गया।

(सतगावां थाना में शुक्रवार को जब्त कोयला लदी एक ट्रक- फाइल फोटो)
इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि मामले में जिला खनन और राज्यकर विभाग की ओर से कोई पहल नजर नहीं आई। यहां तक कि एक ट्रक का टैक्स-टोकन वर्ष 2024 से ही फेल बताया जा रहा है, बावजूद इसके उसे छोड़ दिया गया।
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि हर रात दर्जनों कोयला लदे ट्रक इसी मार्ग से बिहार की ओर निकलते हैं। प्रशासन की बीच-बीच में होने वाली कार्रवाई के बावजूद तस्करों के हौसले बुलंद हैं। वहीं दूसरी ओर, इसी दिन पांच अन्य कोयला लदी ट्रकों के बिहार की सीमा में प्रवेश करते ही तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
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रजौली थाना क्षेत्र स्थित समेकित जांच चौकी पर बिहार पुलिस-प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोडरमा की ओर से आए पांच ओवरलोड कोयला ट्रकों को जब्त कर लिया। रजौली के माइनिंग इंस्पेक्टर संतोष कुमार झा और थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रणजीत कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में पकड़े गए सभी ट्रकों में भारी ओवरलोडिंग पाई गई।
इतना ही नहीं, जांच में कोयले से संबंधित दस्तावेजों में भी कई गड़बड़ियां सामने आईं। बिहार के खनन और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से इन ट्रकों पर करीब 60 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोका है। जुर्माना जमा होने तक सभी ट्रकों को जांच चौकी पर ही रोका गया है।
एक ही दिन में दो राज्यों की कार्रवाई ने तस्करी के इस नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। जहां एक ओर बिहार में सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया गया, वहीं झारखंड में अपेक्षाकृत नरमी पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि यदि समय रहते इस डंकी रूट पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह क्षेत्र संगठित कोयला तस्करी का स्थायी केंद्र बन सकता है। फिलहाल इस कार्रवाई को एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।