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    लातेहार में दर्दनाक मंजर: रफ्तार ने छीनी बेजुबान की जान, 6 घंटे तक बच्चे के शव के पास बैठी रही हथिनी

    Updated: Tue, 17 Feb 2026 04:38 PM (IST)

    चंदवा, लातेहार में बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर एक मालगाड़ी की चपेट में आने से घायल हाथी के शावक की छह घंटे बाद मौत हो गई। घटना के बाद हाथियों का झुंड घ ...और पढ़ें

    लातेहार में ट्रेन की टक्कर से हाथी के बच्चे की मौत। फोटो एआई जनरेटेड

    लातेहार में ट्रेन की टक्कर से हाथी के बच्चे की मौत। फोटो एआई जनरेटेड

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    संवाद सूत्र, चंदवा (लातेहार)। पूर्व मध्य रेलवे के बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर महुआमिलान-निद्रा रेलवे स्टेशन के बीच सोमवार देर शाम एक हादसे में मालगाड़ी की चपेट में आए घायल हाथी के शावक की मौत हो गई। घटना चंदवा थाना क्षेत्र के पुतरी टोला गांव के समीप डाउन लाइन पर हुई।

    ट्रेन दुर्घटना में घायल हाथी का बच्चा लगभग छह घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन अंततः उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद जंगली हाथियों का झुंड लंबे समय तक घटनास्थल के आसपास डटा रहा।

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    वन विभाग के आलोक तिग्गा, सतीश पांडेय, अनिल कुमार व अन्य की टीम द्वारा लगातार निगरानी के बावजूद मादा हथिनी घायल छोटे हाथी के पास से तब तक नहीं हटी, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। हाथी के बच्चे की मृत्यु के बाद ही झुंड वहां से आगे बढ़ा, हालांकि आसपास के इलाके में हाथियों की गतिविधियां जारी रहीं।

    रात में ही पहुंची डीएफओ, रेल प्रबंधन और मीडिया की टीम

    घटना की सूचना के बाद लातेहार के डीएफओ प्रवेश अग्रवाल, रेंजर नंद कुमार महतो, टोरी एसएस रंजीत कुमार, वनकर्मियों व मीडिया की टीम रात में ही घटनास्थल पर पहुंची। अंधेरा और घना जंगल राहत कार्य में बाधा बना।

    विशेष बचाव व्यवस्था की तैयारी के बीच ही घायल हाथी के बच्चे ने दम तोड़ दिया। दूसरे दिन मंगलवार को वन विभाग और मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया और अग्रेतर कार्रवाई शुरू की।

    डीएफओ ने हाथी के बच्चे की मौत पर जताया दुख

    डीएफओ रौशन अग्रवाल ने हाथी के बच्चे की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे, जिसमें संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष निगरानी और समन्वय तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।

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    कहते हैं टोरी एसएस

    टोरी एसएस रंजीत कुमार कहते हैं कि हाथी कोरिडोर क्षेत्र होने के कारण रेल परिचालन में सतर्कता बरती जाती है। वन्य प्राणियों के भ्रमणशील होने की स्थिति में यदि वन विभाग सही समय पर सूचना दे तो शून्य दुर्घटना पर कार्य किया जा सकेगा।

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