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    लातेहार में पोषण योजना फेल: बच्चों-गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रहा आहार, अंडे बांटने पर अनियमितता

    Updated: Sat, 02 May 2026 02:22 PM (IST)

    लातेहार के बरवाडीह में पोषण योजना कागजों पर मजबूत दिखती है, पर जमीनी हकीकत चिंताजनक है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को सही पोषण आहार नहीं मिल रहा। ...और पढ़ें

    बरवाडीह में बच्चों का हक आधा व सवाल पूरा

    बरवाडीह में बच्चों का हक आधा व सवाल पूरा

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    संवाद सूत्र, बरवाडीह (लातेहार)। कुपोषण से जंग जीतने के लिए बनाई गई पोषण योजना कागजों पर तो सुदृढ़ दिखती है। लेकिन जमीन पर इसकी स्थिति चिंताजनक है। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए निर्धारित पोषण आहार का लाभ सही ढंग से नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप जिन बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य व विकास के लिए यह योजना लागू की गई थी, वही इससे वंचित रह जा रहे हैं।

    अंडा वितरण में अनियमितता के कारण परेशानी

    ग्रामीणों व अभिभावकों का आरोप है कि सप्ताह में छह दिन अंडा वितरण का प्रावधान होने के बावजूद कई केंद्रों पर केवल एक दिन ही अंडा दिया जा रहा है। यह स्थिति न केवल योजना की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि बच्चों के पोषण स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। एक अभिभावक विश्वेश्वर प्रसाद ने कहा कि बच्चों को उनका पूरा अधिकार नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी सेहत प्रभावित हो रही है।

    भोजन की गुणवत्ता व समयबद्धता पर सवाल

    भोजन की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। कई केंद्रों पर भोजन समय पर उपलब्ध नहीं हो पाता, जबकि कहीं भोजन की मात्रा पर्याप्त नहीं होती। ऐसे में बच्चों का समुचित पोषण सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है और योजना का उद्देश्य अधूरा रह जा रहा है।

    ग्रामीणों में आक्रोश व जांच की मांग

    इस मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की अनदेखी है। उन्होंने दोषी कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।

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    सेविकाओं की सफाई में मजबूरी

    आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अपनी मजबूरी व्यक्त की है। उनका कहना है कि उन्हें जितनी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है वे उसी के अनुरूप वितरण करती हैं। उनके अनुसार आपूर्ति में कमी ही इस समस्या का मुख्य कारण है।

    अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य एवं भविष्य पर पड़ेगा। प्रखंड क्षेत्र में इस मामले को लेकर पूरी तरह से चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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