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    लोहरदगा में Human Trafficking का भंडाफोड़, 4 नाबालिग लड़कियां बचाई गईं, 2 गिरफ्तार

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 06:00 PM (IST)

    लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और एएचटीयू ने मानव तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम की, जहां चार नाबालिग लड़कियों को तमिलनाडु ले जाते हुए दो तस्करों को गिरफ् ...और पढ़ें

    मानव तस्करी के मामले में पकड़े गए आरोपित और आरपीएफ के अधिकारी।

    मानव तस्करी के मामले में पकड़े गए आरोपित और आरपीएफ के अधिकारी।

    HighLights

    1. लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी की साजिश नाकाम।

    2. RPF और एएचटीयू ने चार नाबालिग लड़कियों को बचाया।

    3. तमिलनाडु ले जा रहे दो मानव तस्कर गिरफ्तार किए गए।

    जागरण संवाददाता, लोहरदगा। लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में मानव तस्करी की एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है।

    गुप्त सूचना पर लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर निगरानी के दौरान चार नाबालिग लड़कियों को संदिग्ध परिस्थितियों में राज्य से बाहर ले जाते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    लड़कियों को राज्य से बाहर ले जाने की थी तैयारी

    इस संबंध में मानव तस्करी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरपीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग मजदूरी के नाम पर नाबालिग लड़कियों को राज्य से बाहर ले जाने की तैयारी में हैं।

    सूचना मिलते ही आरपीएफ और एएचटीयू की टीम ने लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान एक व्यक्ति और एक महिला चार नाबालिग लड़कियों के साथ मिले। पूछताछ करने पर उनके जवाब संदिग्ध पाए गए। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    तमिलनाडु में काम दिलाने के बहाने ले जा रहे थे साथ

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अन्नूर थाना क्षेत्र के 8/129 रोड उथमी नगर कोयंबटूर तमिलनाडु निवासी विक्रमन के पुत्र नंदकुमार वी (47 वर्ष) और गुमला जिला के विशुनपुर थाना क्षेत्र के ओरया डाकघर निवासी सुलेंद्र महली की पुत्री विनीता कुमारी (28 वर्ष) के रूप में हुई है।

    आरोपितों ने पूछताछ में नाबालिग लड़कियों को तमिलनाडु में काम दिलाने के नाम पर ले जाने की बात स्वीकार की। साथ ही बताया कि उनके पास किसी भी नाबालिग लड़की का आरक्षित टिकट नहीं था और वे सामान्य टिकट के सहारे यात्रा कराने की तैयारी में थे।

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    गुमला की रहने वाली हैं लड़कियां

    मानव तस्कर से मुक्त कराई गई चारों नाबालिग लड़कियां झारखंड के गुमला जिले की रहने वाली हैं। आरपीएफ ने सभी को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    मुक्त कराई गई सभी लड़कियों की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच है। आरोपितों को गिरफ्तार कर एएचटीयू थाना लोहरदगा को सुपुर्द कर दिया गया है।

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