लोहरदगा में वज्रपात से 3 साल की मासूम समेत 4 मवेशियों की मौत, खेत में काम कर रहा अधेड़ गंभीर
लोहरदगा जिले में तेज बारिश के दौरान वज्रपात से तीन साल की बच्ची और चार मवेशियों की मौत हो गई। इन हादसों में एक किसान गंभीर रूप से झुलस गया, जिससे प्रभ ...और पढ़ें

वजगपात की चपेट में आने से तीन वर्ष की बच्ची की हुई मौत।
HighLights
लोहरदगा में वज्रपात से तीन साल की बच्ची की मौत।
हादसों में चार मवेशियों की भी गई जान।
खेत में काम कर रहा किसान गंभीर रूप से झुलसा।
जागरण टीम, लोहरदगा। लोहरदगा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रविवार को हुई तेज बारिश के दौरान आसमानी बिजली (वज्रपात) गिरने से भारी तबाही हुई है।
इन हादसों में एक तीन साल की मासूम बच्ची और चार मवेशियों की मौत हो गई, जबकि खेत में काम कर रहा एक किसान गंभीर रूप से झुलस गया है। घटनाओं के बाद प्रभावित गांवों में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
पहला हादसा: पेड़ के नीचे बैठी 3 साल की अंकिता की गई जान
पहली घटना कैरो थाना क्षेत्र के डूमरटोली गांव की है। यहां रहने वाले विजय उरांव की पत्नी बनारसिया कुजूर अपनी तीन वर्षीय बेटी अंकिता उरांव को लेकर पहाड़ की तरफ बकरी चराने गई थीं।
इसी बीच अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बनारसिया अपनी बच्ची को एक पेड़ के नीचे सुरक्षित बैठाकर थोड़ी दूर बकरियों को हांकने गईं।
इसी दौरान उसी पेड़ पर तेज कड़कड़ाहट के साथ वज्रपात हो गया। इसकी चपेट में आने से मासूम अंकिता और उसके पास खड़ी तीन बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजन आनन-फानन में बच्ची को कुडू स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दूसरा हादसा: खेत में काम कर रहा किसान झुलसा
दूसरा हादसा सेन्हा थाना क्षेत्र के चितरी अंबाटोली गांव में हुआ। यहां रहने वाले अजीज अंसारी का 45 वर्षीय पुत्र सलमान अंसारी अपने खेत में धान का बिचड़ा (पौध) डालने की तैयारी कर रहा था।
तभी अचानक मौसम बदला और कड़कड़ाहटके साथ गिरी बिजली की चपेट में आने से वह बेहोश होकर खेत में ही गिर गया। आसपास मौजूद अन्य किसानों ने तुरंत इसकी सूचना परिजनों को दी।
तीसरा हादसा: गरीब किसान की भैंस की मौत, आर्थिक संकट
वज्रपात की एक अन्य घटना भी कैरो थाना क्षेत्र के नगड़ा (धुरियाटोली) गांव में देखने को मिली। यहां के निवासी कैलू उरांव ने अपनी भैंस को चरने के लिए खेत में बांधा था, तभी वह आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कैलू एक बेहद गरीब किसान है और इस हादसे से उसे हजारों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। स्थानीय मुखिया के माध्यम से इस नुकसान की सूचना पशुपालन विभाग और अंचल प्रशासन को दे दी गई है ताकि पीड़ित को सरकारी मुआवजा मिल सके।
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