लोहरदगा में 10 साल से ITI कॉलेज में नहीं चली कक्षाएं, फिर भी भवन के मरम्मत का टेंडर जारी
लोहरदगा के कैरो प्रखंड में 10 साल पहले 4 करोड़ की लागत से बना आईटीआई कॉलेज व छात्रावास भवन अब तक शुरू नहीं हो पाया है। ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
शंभू प्रसाद सोनी, कैरो (लोहरदगा)। सरकारी बाबूओं की कौन कहे, जो मन किया वही सही। लोहरदगा जिला के कैरो प्रखंड क्षेत्र में आज से दस वर्ष पहले आईटीआई कॉलेज व छात्रावास भवन का निर्माण कार्य चार करोड़ की लागत से किया गया है।
लेकिन भवन में कक्षाएं संचालित करना तो दूर आज तक उसका ताला भी नहीं खुल पाया है। लेकिन मजेदार बात यह है कि भवन की मरम्मत को लेकर विभाग से दो अलग-अलग कार्यों के लिए 85 लाख रुपये का टेंडर कर दिया गया है। जिससे पता चलता है कि सरकारी राशि का कितना दुरुपयोग हो रहा है।
इससे पहले भी विभाग द्वारा लाखों रुपये की लागत से चाहरदीवारी व पीसीसी पथ निर्माण कार्य कराया गया है। विभाग द्वारा बार-बार टेंडर निकाले जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि आखिर भवन निर्माण के दस वर्ष बीत जाने के बाद भी कक्षा का संचालन नहीं किया गया। बावजूद बार-बार टेंडर निकालना समझ से परे है। ग्रामीणों को इस बात से आस जगी है कि हो सकता है कक्षाओं का संचालन शीघ्र ही शुरू हो जाएगा।
युवाओं को तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रोजगार के अवसर बढ़ाने को ले आईटीआई भवन का निर्माण पूर्व विधायक स्वर्गीय कमलकिशोर भगत के पहल से कराया गया था। लेकिन विडंबना यह है कि भवन तैयार होने के बावजूद कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही है। जिसके कारण क्षेत्र के वैसे युवा जो तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई करना चाहते हैं वे इससे या वंचित हैं या तो फिर दूर-दराज जाना पड़ रहा है।
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कक्षाओं का संचालन नहीं, निकाल दिया गया है टेंडर
कैरो प्रखंड के एड़ादोन गांव में दस वर्ष पूर्व निर्मित आईटीआई कॉलेज व छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अभी तक उक्त भवन में कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है। जिसके बाद विभाग द्वारा चाहरदीवारी व पीसीसी निर्माण कार्य किया गया। वहीं विगत अप्रैल माह में दो बार में 85 लाख का टेंडर पुनः कराया गया है।
कब-कब निकाली गई है निविदा
आईटीआई भवन निर्माण के दस वर्ष बाद चाहरदीवारी व पीसीसी निर्माण कार्य कराया गया है। वहीं भवन प्रमंडल लोहरदगा द्वारा पहला टेंडर जलापूर्ति व सेनेटरी कार्य के लिए 36.88 लाख व दूसरा टेंडर 49.76 लाख का निकालकर योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। जिससे पता चलता है कि सिर्फ सरकारी राशि की बर्बादी हो रही है।
आईटीआई की पढ़ाई शुरू होनी चाहिए। क्षेत्र से आईटीआई की पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थी बाहर जाते हैं। जिससे उनका खर्च भी अधिक होता है। अगर कैरो में पढ़ाई शुरू हो जाएगी तो विद्यार्थियों को कम खर्च में बेहतर शिक्षा मिल पाती। कैरो आईटीआई का संचालन कुजरा में होता है।
गणेश कुमार शास्त्री, प्रधानाध्यापक, डॉ. अनुग्रह नारायण प्लस टू उच्च विद्यालय, कैरो
आईटीआई की पढ़ाई शुरू हो जाने से विद्यार्थियों को दूर-दराज नहीं जाना पड़ता। भवन के बने दस साल हो गए। सिर्फ भवन की मरम्मत में लाखों का खर्च हो रहा है। पढ़ाई चालू हो जाए तभी भवन की उपयोगिता साबित होगी।
मधूलिका रानी, पंसस, कैरो
सिर्फ भवन का मरम्मत कार्य हो रहा है। लेकिन अभी तक आईटीआई की पढ़ाई कैरो प्रखंड में शुरू नहीं हो पाई है। पढ़ाई शुरू हो जाने से विद्यार्थियों को काफी राहत मिलती। विद्यार्थियों को दूर-दराज नहीं जाना पड़ता।
रेहान अंसारी, विद्यार्थी
कैरो में आईटीआई की पढ़ाई शुरू कराने की पहल होनी चाहिए। इससे आसपास के विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलता। भवन निर्माण के दस वर्ष बीत जाने के बाद भी पढ़ाई शुरू नहीं हो पाया है।
रिशु कुमार, विद्यार्थी
कैरो के एड़ादोन गांव में निर्मित आईटीआई भवन में पढ़ाई शुरू नहीं हो पाना काफी दुर्भाग्य की बात है। भवन का सिर्फ मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।
कामरान खान, विद्यार्थी
आईटीआई की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को पहल करना चाहिए। भवन का निर्माण कर छोड़ दिया गया है। कैरो में आईटीआई की पढ़ाई शुरू हो जाने से विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिलती।
चांदनी कुमारी, छात्रा
वर्तमान में कैरो आईटीआई के विद्यार्थी कुजरा में पढ़ रहे हैं। भवन का रेनोवेशन करने को लेकर भवन प्रमंडल विभाग को राशि मुहैया करा दिया गया है। विभाग द्वारा निविदा के माध्यम से रेनोवेशन कार्य कराया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को कैरो के एड़ादोन स्थित आईटीआई भवन में शिफ्ट किया जाएगा।
नीरू कुमारी, जिला नियोजन पदाधिकारी लोहरदगा।