JAC 10th Result Out 2026: 2% बढ़ा पाकुड़ का मैट्रिक रिजल्ट, झारखंड में तीसरा स्थान
झारखंड अधिविद्य परिषद ने माध्यमिक परीक्षा 2026 का परिणाम जारी किया, जिसमें पाकुड़ जिले ने 98.56% सफलता दर के साथ राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया ...और पढ़ें

2% बढ़ा पाकुड़ का मैट्रिक रिजल्ट, झारखंड में तीसरा स्थान (AI Generated Image)

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रोहित कुमार, पाकुड़। झारखंड अधिविद्य परिषद ने गुरुवार को माध्यमिक परीक्षा (मैट्रिक) 2026 का परिणाम जारी कर दिया। इस वर्ष भी पाकुड़ जिले के विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि पिछले वर्ष दूसरे स्थान पर रहने वाला जिला इस बार राज्य में तीसरे स्थान पर रहा, लेकिन कुल परिणाम में सुधार दर्ज किया गया है।
इस साल जिले का रिजल्ट 98.56 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 96.83 प्रतिशत की तुलना में करीब दो प्रतिशत अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष 97 प्रतिशत लड़के और 96 प्रतिशत लड़कियां सफल हुई थीं। इस वर्ष लड़कियों के परिणाम में लगभग दो प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि लड़कों का परिणाम करीब एक प्रतिशत बेहतर हुआ है।
प्रथम श्रेणी से पास हुए 4513 विद्यार्थी
2026 की मैट्रिक परीक्षा में जिले के 7971 विद्यार्थी शामिल हुए थे। जिसमें 3409 बालक व 4580 बालिका थी। इसमें से कुल 2513 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में सफलता प्राप्त की। इसमें बालिकाओं की संख्या 2539 एवं बालकों की संख्या 1974 है।
द्वितीय श्रेणी में 3176 विद्यार्थी सफल हुए। जिसमें बालिका की संख्या 1828 एवं बालक 1348 हैं। बोर्ड परीक्षा में 168 विद्यार्थी तृतीय व 113 असफल रहे।
प्रोजेक्ट ‘परख-2’ का दिखा असर, रिजल्ट में लगातार सुधार
जिले में मैट्रिक परिणाम में सुधार के पीछे प्रशासन की पहल ‘प्रोजेक्ट परख’ और उसके दूसरे चरण ‘परख-2’ का बड़ा योगदान माना जा रहा है। दो वर्ष पूर्व पाकुड़ जिला मैट्रिक परिणाम में राज्य में 22वें स्थान पर था।
इसके बाद तत्कालीन उपायुक्त मनीष कुमार ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इसके तहत कई नवाचार किए गए। कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों के लिए मॉडल प्रश्नपत्र-सह-उत्तर पुस्तिका तैयार कर सभी 65 उच्च व उच्चतर विद्यालयों में वितरित की गई।
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प्रत्येक शुक्रवार को साप्ताहिक जांच परीक्षा आयोजित की गई, साथ ही प्री-बोर्ड परीक्षा लेकर छात्रों की तैयारी को परखा गया। प्रश्नपत्रों पर विस्तृत चर्चा कर कमजोरियों को दूर करने पर जोर दिया गया।
इन प्रयासों का ही परिणाम रहा कि 22वें स्थान पर रहा जिला वर्ष 2025 में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए ‘प्रोजेक्ट परख-2’ के तहत प्रयास जारी रखे गए, जिसका सकारात्मक परिणाम अब ताजा मैट्रिक परीक्षा में भी देखने को मिला है।