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    PM Kisan eMitra: झारखंड में अब घर बैठे मिलेगी खेती की हर जानकारी, AI चैटबॉट की हुई शुरुआत

    Updated: Sat, 11 Apr 2026 04:20 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सटीक जानकारी के लिए 'पीएम किसान ई-मित्र' एआई चैटबॉट शुरू किया है। ...और पढ़ें

    : ‘पीएम किसान ई-मित्र’ से घर बैठे मिलेगी खेती की हर जानकारी। (AI Generated Image)

    : ‘पीएम किसान ई-मित्र’ से घर बैठे मिलेगी खेती की हर जानकारी। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. पीएम किसान ई-मित्र एआई चैटबॉट किसानों के लिए लॉन्च।

    2. 11 भाषाओं में फसल, मौसम, योजना की जानकारी उपलब्ध।

    3. शिकायत दर्ज करने और आत्मनिर्भर बनने में सहायक।

    जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर(पलामू)। तकनीक अब किसानों की सबसे बड़ी मददगार बनने लगी है। केंद्र सरकार ने खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान और सही समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘पीएम किसान ई-मित्र’ एआई चैटबाट की शुरुआत की गई है।

    यह पहल खासकर उन किसानों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें जानकारी के अभाव में अक्सर नुकसान उठाना पड़ता है। पलामू समेत झारखंड के ग्रामीण इलाकों में आज भी कई किसान फसल प्रबंधन, उर्वरक उपयोग और मौसम की जानकारी के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यह एआई आधारित चैटबाट उनके लिए डिजिटल सलाहकार की भूमिका निभाएगा।

    E-Kisan Mitra

    इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे स्थानीय भाषा में ही किसानों को उनके सवालों के जवाब मिल सकेंगे। अब किसानों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कृषि कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे अपने मोबाइल के माध्यम से ही फसल से जुड़े हर सवाल-जैसे बीज का चयन, खाद की मात्रा, रोग नियंत्रण और मौसम पूर्वानुमान की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।

    सरकारी योजनाओं की जानकारी भी एक क्लिक पर

    किसान ई-मित्र के जरिए किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की भी पूरी जानकारी मिलेगी। इसमें किसान क्रेडिट कार्ड, सब्सिडी योजनाएं और अन्य लाभकारी योजनाएं शामिल हैं। इससे किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी।

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    शिकायत दर्ज करना भी हुआ आसान

    यह प्लेटफार्म केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान अपनी समस्याओं और शिकायतों को भी इसके माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। इससे संबंधित विभाग तक शिकायत पहुंचाने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी।

    किसानों में उत्साह, आत्मनिर्भरता की उम्मीद

    स्थानीय किसान प्रदीप मेहता, अभय मेहता, दुलार महतो आदि का कहना है कि इस तरह के एआई प्लेटफार्म से खेती को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। समय पर सही जानकारी मिलने से उत्पादन बढ़ेगा और लागत कम होगी। किसानों को उम्मीद है कि ‘किसान ई-मित्र’ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।

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