रामगढ़ में चहेतों को टेंडर देने के विवाद में फंसा पेंच, ₹7.62 करोड़ के स्पोर्ट्स कोर्ट का टेंडर रद
रामगढ़ में 7.62 करोड़ रुपये के मल्टीपल स्पोर्ट्स कोर्ट निर्माण का टेंडर चहेतों को काम देने के विवाद में रद कर दिया गया है। ...और पढ़ें
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जिला समाहरणालय रामगढ़। (जागरण)
HighLights
7.62 करोड़ रुपये का मल्टीपल स्पोर्ट्स कोर्ट टेंडर रद्द।
चहेतों को काम देने के विवाद में फंसा पेंच।
संवेदकों ने आर्थिक, मानसिक शोषण का आरोप लगाया।
देवान्शु शेखर मिश्र, रामगढ़। जिला खनिज निधि की राशि को लेकर जिले में नए-नए प्रयोग व चहेतों को टेंडर आवंटित करने के लिए आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं है।
इस बार फिर से चहेतों को टेंडर देने-दिलवाने के विवाद में 7.62 करोड़ रुपये का टेंडर में पेंच फंस गया है। इसके बाद इसे तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए उसे तत्काल रद कर दिया गया। इससे यहां के संवेदकों की परेशानी बढ़ने लगी है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए अब संवेदक संघ भी मुखर होने लगा है।
जानकारी के अनुसार जिला परिषद कार्यालय से दो अलग-अलग एनआइटी के माध्यम से 17 अलग-अलग कार्यों की निविदा निकाली गई थी।
इसके तहत जिला खनिज निधि से 17 विद्यालयों में मल्टीपल स्पोर्टस कोर्ट निर्माण की योजना तैयार की गई है। जिला खनिज निधि से विद्यालयों में मल्टीपल स्पोर्टस कोर्ट निर्माण की योजना है।
आठ विद्यालयों में प्रति विद्यालय 32 सौ स्क्वायर फुट क्षेत्र में 39 लाख 56 हजार 935 रुपये से कार्य कराया जाना है। यानी तीन करोड़ 16 लाख 55 हजार 480 रुपये खर्च किया जाना है।
इसी तरह जिले के नौ अन्य विद्यालयों में 52 सौ स्क्वायर फीट क्षेत्र में प्रति विद्यालय 49 लाख 50 हजार 514 रुपये से यानी कुल चार करोड़ 45 लाख 51 हजार 386 रुपये से निर्माण कराया जाएगा।
टेंडर पेपर जमा करने के दौरान ही नौ जुलाई को तकनीकी कारणों का हवाला देकर टेंडर रद कर दिया गया। कई संवेदकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टेंडर पेपर डालने के दौरान अगर शाम पांच बजे के बाद एक मिनट भी अधिक हो जाता है तो टेंडर पेपर जमा नहीं लिया जाता है।
इससे एक दिन पूर्व यानी आठ जुलाई को रात्रि साढ़े दस बजे तक टेंडर पेपर दिया गया। इसके बाद रात्रि साढ़े ग्यारह बजे तक घर पहुंचे और जब अगले दिन नौ जुलाई को टेंडर पेपर जमा करने पहुंचे तो बताया गया कि टेंडर रद कर दिया गया है।
कहा कि इससे संवेदकों को आर्थिक व मानसिक शोषण भी होता है। टेंडर डालने के दौरान डीडी बनवाने से लेकर सारे पेपर दुरुस्त कराने में कई दिनों का समय लगता है। अचानक से रद कर दिना कहीं से उचित नहीं है।
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इन-इन विद्यालयों में किया जाना है कार्य
निविदा आमंत्रण संख्या 08/2026-27 में प्रति विद्यालय 32 सौ स्क्वायर फुट क्षेत्र में 39 लाख 56 हजार 935 रुपये से मल्टीपल स्पोर्टस कोर्ट का निर्माण कराया जाना है।
इसमें श्रमिक उच्च विद्यालय सिरका, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय रामगढ़, उच्च विद्यालय डिमरा , कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गोला, केकेसी उच्च विद्यालय सयाल, सीसीएल उच्च विद्यालय नयानगर, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पतरातू तथा यूपीजी उच्च विद्यालय चटाक शामिल है।
इसी तरह टेंडर संख्या 09/2026-27 में नौ अन्य विद्यालयों में 52 सौ स्क्वायर फीट क्षेत्र में प्रति विद्यालय 49 लाख 50 हजार 514 रुपये से मल्टीपल स्पोर्टस कोर्ट का निर्माण कराया जाना है।
इसमें राज बल्लभ प्लस टू उच्च विद्यालय सांडी, जनता उच्च विद्यालय चैनपुर, एसएस उच्च विद्यालय मांडू, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मांडू, श्रमिक उच्च विद्यालय तोपा-पिंड्रा, एसएस उच्च विद्यालय गोला, उच्च विद्यालय पतरातू, उच्च विद्यालय भुरकुंडा, यूपीजी झारखंड आवासी बालिका विद्यालय दुलमी शामिल हैं।
टेंडर निकलने के साथ ही संवेदकों की तैयारी शुरू हो जाती है। इसमें डीडी बनवाने से लेकर जीएसटी, इनकम टैक्स आदि पेपर अद्यतन कर डालने पहुंचते हैं और उन्हें अचानक कह दिया जाता है कि टेंडर रद कर दिया गया है, इससे संवेदक को शारीरिक, मानसिक व आर्थिक शोषण ही होता है। इस तरह की परिपाटी से संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को बचना चाहिए।
दयासागर प्रसाद, जिला सचिव जिला संवेदक संघ, रामगढ़।