रामगढ़ में साख समिति कर्मियों को 16 महीने से नहीं मिला वेतन, घर चलाना हुआ मुश्किल
सीसीएल कर्मचारी सहकारिता साख सहयोग समिति, बरकाकाना के पांच कर्मियों को 16 महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट ख ...और पढ़ें
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सीसीएल कर्मचारी सहकारिता साख सहयोग समिति
HighLights
16 महीने से वेतन न मिलने से कर्मी गंभीर आर्थिक संकट में।
समिति के बैंक खाते पर रोक से वित्तीय गतिविधियां प्रभावित।
कर्मी जल्द लंबित वेतन भुगतान और समाधान की मांग कर रहे।
संवाद सूत्र, बरकाकाना (रामगढ़)। सीसीएल कर्मचारी सहकारिता साख सहयोग समिति लिमिटेड, बरकाकाना से जुड़े पांच कर्मियों को पिछले 16 महीनों से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से वेतन बकाया रहने के कारण कर्मियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
उनका कहना है कि अब परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। कर्मियों के अनुसार वेतन नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, बिजली-पानी का बिल, दवा सहित अन्य आवश्यक खर्च पूरे करना कठिन हो गया है।
कई कर्मी कर्ज लेकर किसी तरह परिवार चला रहे हैं, जबकि कुछ को रिश्तेदारों और परिचितों से आर्थिक सहायता लेनी पड़ रही है। स्थानीय राशन दुकानदार और सब्जी विक्रेताओं ने भी लगातार बढ़ते बकाये के कारण अब उधार देने से इनकार कर दिया है, जिससे भोजन तक का संकट गहराने लगा है।
साख समिति के सचिव उदय प्रताप नारायण सिंह के अनुसार 9 अप्रैल 2025 से संयुक्त निबंधक, सहकारिता, हजारीबाग के आदेश पर समिति के बैंक खाते के संचालन पर रोक लगी हुई है। इसके कारण समिति की वित्तीय गतिविधियां प्रभावित हो गई हैं और कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी अटक गया है।
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समिति का कहना है कि खाता संचालन बंद रहने से संस्था को प्रतिमाह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है तथा समिति के सदस्यों को भी ऋण सुविधा नहीं मिल पा रही है। समिति के पदाधिकारियों का दावा है कि सीसीएल कर्मचारी सहकारिता साख सहयोग समिति में सरकार की कोई पूंजी, शेयरधारिता, वित्तीय सहायता या सरकारी गारंटी नहीं है।
उनका कहना है कि संविधान के 97वें संशोधन अधिनियम, 2011 के प्रावधानों के अनुसार ऐसी सहकारी समिति के कार्यों में सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। इस संबंध में निबंधक, सहकारिता, झारखंड सरकार को भी लिखित पत्र देकर खाता संचालन पर लगी रोक हटाने का अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।
समिति का कहना है कि दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान सदस्यों को ऋण नहीं मिलने से कर्मचारियों और सदस्यों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं वेतन से वंचित कर्मियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से जल्द समाधान निकालने तथा लंबित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।