रामगढ़ के CCL तोपा प्रोजेक्ट में कोयला स्टॉक में लगी आग, 100-200 टन कोयला जलकर राख
सीसीएल कुजू क्षेत्र के तोपा परियोजना के कोयला स्टॉक में लगी आग दूसरे दिन भी बेकाबू है। प्रबंधन आग लगे भाग को मशीन से अलग कर पानी डालकर काबू पाने का प् ...और पढ़ें

आग लगे स्थान से निकलता धुआं।
HighLights
तोपा परियोजना के कोयला स्टॉक में लगी आग।
दूसरे दिन भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
संवाद सूत्र, कुजू (रामगढ़)। रामगढ़ के सीसीएल कुजू क्षेत्र के तोपा परियोजना के कोयला स्टॉक के बगल में आग लगने से प्रबंधन में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। आग लगने की सूचना मिलते ही प्रबंधन हरक़त में आ गई। लेकिन आग पर प्रबंधन दूसरे दिन मंगलवार को भी काबू नहीं पा सकी है। आग लगे भाग को मशीन से काटकर अलग करने का कार्य किया जा रहा था।
वहीं आग पर पानी डालकर आग की लपटे कम करने का प्रयास जारी है। सूत्र बताते हैं कि कोयला स्टॉक के बगल से एक पखवारे से धुआं हल्का हल्का निकल रहा था। लेकिन इस पर प्रबंधन द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। जब आग अपना रूप दिखाना शुरू किया तब प्रबंधन का पसीना छुटा। आग लगे स्थल से धुआं के डरावने लपटें निकल रहे हैं।
आग अपने चपेट लेकर करीब सौ से दो सौ टन कोयला को राख कर चुका है। जिससे सीसीएल को लाखों में नुकसान हो रहा है। जानकारों का कहना है कि कोयला हवा में मौजूद आक्सीजन के साथ मिलकर धीरे-धीरे गर्म होता है।
कोयले के ढेर के भीतर गर्मी जमा होने और बाहर नहीं निकल पाने के कारण तापमान बढ़ जाता है और रासायनिक क्रिया तेज हो जाती है। जिसके कारण कोयला स्टॉक में आग लगने की संभावना ज्यादा हो जाता है और आग लग जाती है। अगर समय समय पर इसमें ध्यान दिया जाए तो खतरा को टाला जा सकता है।
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इस संबंध में तोपा परियोजना पदाधिकारी एसके सिंह ने कहा कि कोयला के गर्म होने के कारण आग लग गई है। आग लगे स्थल को मशीन से काटकर अलग करने का काम जारी है। आग में पानी डालकर कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आग कोयला के मुख्य स्टॉक में नहीं लगा है बल्कि बगल में आग लगा है। जिसके कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। लगभग 100-200 टन कोयले का नुकसान हुआ है।
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