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    राजरप्पा मंदिर में सौंदर्यीकरण पर जोर: ध्वस्त हुआ जर्जर छिलका पुल, पैदल मार्ग से ही पहुंचेंगे श्रद्धालु

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 11:30 AM (GMT+05:30)

    झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर रजरप्पा मंदिर परिसर से 254 अवैध दुकानें हटाने के बाद अब सुरक्षा और नए निर्माण के लिए भैरवी नदी पर बना वर्षों पुराना छिलक ...और पढ़ें

    रजरप्पा मंदिर के भैरवी नदी पर बने छिलका पुलिया को ध्वस्त करने में लगी जेसीबी मशीन।

    रजरप्पा मंदिर के भैरवी नदी पर बने छिलका पुलिया को ध्वस्त करने में लगी जेसीबी मशीन।

    HighLights

    1. रजरप्पा मंदिर में पुराने छिलका पुल को ध्वस्त किया गया।

    2. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए यह कदम।

    3. गोला से आने वालों के लिए वैकल्पिक पैदल पुल उपलब्ध।

    संवाद सूत्र, रजरप्पा (रामगढ़)। झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर पहले ही रजरप्पा मंदिर परिसर से 254 अवैध दुकानों को हटाया जा चुका है। अब सुरक्षा और नए निर्माण को ध्यान में रखते हुए वर्षों पुराने भैरवी नदी का छिलका पुल तोड़ा गया।

    हालांकि श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पास ही एक नया पैदल पुल उपलब्ध है। लेकिन इस पर वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। दरअसल झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों में तेजी आ गई है, जिसके तहत आवागमन को बेहतर बनाने और नए निर्माण के लिए पुराने जर्जर ढांचे व पुलिया को तोड़ने का कार्य शुरू किया गया है।

    प्रशासन ने भैरवी नदी पर बने वर्षों पुराने छिलका पुल को ध्वस्त कर दिया है। साथ ही मंदिर क्षेत्र को भव्य रूप देने, साफ-सफाई बढ़ाने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर काम जारी है।

    Ramgarh News

    (रजरप्पा मंदिर के भैरवी नदी पर बने छिलका पुलिया को ध्वस्त करने में लगी जेसीबी मशीन)

    दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी छिलका पुल

    चितरपुर अंचलाधिकारी दीपक कुमार मिंज की मौजूदगी में शनिवार को हुई जेसीबी मशीन से पुलिया तोड़ने की कार्रवाई के बाद उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छिलका पुलिया को हटाया गया है।

    गोला की ओर से रजरप्पा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह पुलिया वर्षों से प्रमुख मार्ग थी, लेकिन बरसात के दौरान दामोदर नद का जलस्तर बढ़ने पर यह पूरी तरह डूब जाती थी। इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। पूर्व में कई श्रद्धालु पुलिया पार करने के दौरान तेज धारा में बह कर अपनी जान गंवा चुके हैं।

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    प्रशासन का कहना है कि पुलिया हटने के बाद अब गोला की ओर से आने वाले श्रद्धालु भैरवी नदी पर बने नये पुल के रास्ते सुरक्षित रूप से रजरप्पा मंदिर पहुंच सकेंगे। मंदिर पुनर्विकास परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अन्य आवश्यक कार्य भी चरणबद्ध तरीके से किये जा रहे हैं।

    पुल टूटने से मार्ग है बाधित

    रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके दर्शन में अब गोला की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वही भगवान शिव को समर्पित पवित्र महीना श्रावण मास में मंदिर में स्थापित 20 फीट के शिवलिंग में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं को यहां पहुंचने में कठिनाई हो सकती है। इसकी वजह है स्थित भैरवी नदी पर बने छिलका पुल का टूटना।

    पुल टूटने के कारण गोला की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। देखा जाए तो हर सावन में हजारों की संख्या में कांवड़िए मंदिर में स्थापित 20 फीट के शिवलिंग के दर्शन को पहुंचते हैं। जिससे पूरा क्षेत्र बाबा भोलेनाथ के भक्ति गीतों से गूंज उठता है।

    हालांकि इस बार भक्तों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा क्योंकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा छिलका पुलिया को हटाया गया है। हालांकि, मंदिर प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग के लिए पास ही एक नया पैदल पुल उपलब्ध है। स्थानीय लोगो का कहना है कि समय के साथ बदलाव जरूरी होता है, लेकिन इस पुल से जुड़ी वर्षों की यादें हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगी।

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