यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'सलाम अब्बू...' फोन पर बेटे अरशद की आवाज सुन चुप रहे पिता, शाहनवाज की रोती हुई मां बोली, 'नहीं हो सकता ऐसा'
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) के तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम शाहनवाज आलफ उर्फ सफीउज्जमा अरशद ...और पढ़ें

जागरण टीम, हजारीबाग/गढ़वा। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) के तीन आतंकियों-शाहनवाज आलफ उर्फ सफीउज्जमा, अरशद वारसी और रिजवान अब्दुल हाजी अली को गिरफ्तार किया है।
खूब पढ़े-लिखे परिवार से हैं आतंकी
इनमें से शाहनवाज झारखंड के हजारीबाग, तो अरशद वारसी गढ़वा का रहना वाला है। तीनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के वांछित थे। महत्वपूर्ण बात यह है कि शाहनवाज और अरशद का शैक्षणिक बैकग्राउंड काफी मजबूत है।
शाहनवाज के पिता सफीक उज्जमा खान केएन इस्लामिया मिडिल स्कूल, हजारीबाग के प्रधानाध्यापक रह चुके हैं। अरशद के पिता वारिस खान राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, मझिआंव, गढ़वा में शिक्षक हैं। पुत्रों ने अपने कुकृत्य से शिक्षक पिताओं के सिर को झुका दिया है।
जेल से छूटा तो पिता ने डांट लगाई, आइएस से जुड़ गया
शाहनवाज हजारीबाग जिले के पेलावल का रहने वाला है। दिल्ली में उसकी गिरफ्तारी के बाद पेलावल स्थित घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के सदस्य घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। उसके बारे में कोई कुछ भी बात करने को तैयार नहीं है।
लगभग तीन वर्ष पहले शाहनवाज का नाम अपराध की दुनिया में आया था। हजारीबाग पुलिस ने 2020 में उसे और उसके दो साथियों को पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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2021 जेल से बाहर आने के बाद उसके पिता ने फटकार लगाई तो वह हजारीबाग से दिल्ली निकल गया। इसके बाद कब देशविरोधी लोगों से जुड़ गया, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। हालांकि, उसकी मां हुस्ने अंबर अपने बेटे को निर्दोष बताती हैं।
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मां का कहना है कि शाहनवाज का तीन वर्षो से परिवार से कोई संपर्क नहीं था। परंतु, पता था कि वह दिल्ली में रहकर कोई काम कर रहा है। गिरफ्तारी की जानकारी न्यूज चैनलों से मिली।
शाहनवाज अपने घर का बड़ा पुत्र है। मंझला व छोटा अभी पढ़ाई कर रहा है। इसी तरह अरशद वारसी की भी पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी बेहतर है और वह खुद भी पढ़ने में बचपन से काफी अच्छा था।
पिता ने बेटे की बात का नहीं दिया जवाब
अरशद की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता वारिस खान काफी दुखी हैं। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनके बेटे ने कैसे गुमराह होकर आतंक की दुनिया में कदम रख दिया।
उन्होंने बताया कि अरशद की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने उन्हें मोबाइल फोन पर इसकी सूचना दी।
साथ ही अरशद से भी बात कराया था। अरशद ने उन्हें सलाम किया, तो इसके जवाब में उनके मुंह से कुछ नहीं निकला। इस घटना को जानकर वह सदमे में हैं। वारिस खान ने बताया कि अरशद बकरीद में घर आया था और दो दिन रहकर ही दिल्ली लौट गया था।
विदित हो कि झारखंड में अब तक कई की गिरफ्तारी आतंकी गतिविधि के कारण हो चुकी है। हाल ही में मो. शामी सहित अन्य की गिरफ्तारी आतंकी गतिविधि में शामिल होने के कारण हुई थी।
इसके अलावा अन्य कई युवा बाहर आतंकी प्रशिक्षण लेने का नाम सामने आया था। पटना में हुए बम ब्लास्ट के दौरान भी रांची के आतंकी का नाम सामने आया था।
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