झारखंड में अवैध तरीके से रह रहे 350 विदेशी नागरिक, वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू
झारखंड में 350 विदेशी नागरिकों को अवैध रूप से रहते हुए चिह्नित किया गया है। केंद्रीय प्रत्यर्पण ब्यूरो को रिपोर्ट मिली है, जिसके बाद उनके सत्यापन और द ...और पढ़ें

झारखंड में अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान। फोटो एआई
HighLights
झारखंड में 350 अवैध विदेशी नागरिक चिह्नित किए गए।
केंद्रीय गृह मंत्रालय करेगा सत्यापन और वापसी की प्रक्रिया।
वीजा समाप्त होने के बाद भी कई विदेशी यहीं रह रहे थे।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में अवैध तरीके से रह रहे 350 विदेशी नागरिकों को चिह्नित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन संचालित प्रत्यर्पण ब्यूरो को इससे संबंधित रिपोर्ट मिली है। अब चिह्नित सभी विदेशी नागरिकों का सत्यापन होगा और उन्हें अपने देश वापस करने के लिए प्रक्रिया शुरू होगी।
इसमें अधिकांश विदेशी नागरिक ऐसे हैं, जिनका वीजा फेल हो चुका है। वे झारखंड में आए तो यहीं रह गए और वापस अपने देश नहीं लौटे। विदेशी नागरिकों की वापसी मामले की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव जल्द ही झारखंड आने वाले हैं।
बैठक का एजेंडा भी राज्य सरकार से साझा किया गया है। झारखंड में भी डिस्ट्रिक्ट पुलिस माड्यूल (डीपीएम) सुचारू रूप से संचालित है। डीपीएम ने भी विदेशी नागरिकों के संबंध में एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें वीजा फेल होने के बावजूद ओवर स्टेयिंग विदेशी की सूची भी दी गई है।
इससे संबंधित जानकारी संबंधित जिला व कोलकाता के फारेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन आफिस (एफआरआरओ) को भी भेजी गई है। यह सूची वीजा व पासपोर्ट की वैधता समाप्त होने से संबंधित है।
अवैध तरीके से वीजा-पासपोर्ट फेल वाले विदेशियों से संबंधित मासिक सूची केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी जाती है। सभी राज्यों की राजधानी में भी एक सशक्त एफआरआरओ बनाने पर जोर है।
एक बांग्लादेशी निर्वासित हो चुका है, चार और होंगे
रिपोर्ट के अनुसार एक बांग्लादेशी नागरिक को 22 अप्रैल 2025 को निर्वासित किया गया था। अब भी चार बांग्लादेशी हैं, जिन्हें निर्वासित किया जाना है। ये अवैध तरीके से झारखंड में रह रहे थे, जिनकी गिरफ्तारी की गई थी।
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उनकी राष्ट्रीयता सत्यापन के लिए केंद्र से पत्राचार किया गया है। इनमें एक का सत्यापन हो चुका है। तीन बांग्लादेशी हजारीबाग के विदेशी होल्डिंग कैंप से 09 जून 2025 को फरार हो गए थे, जिन्हें 10 जून को गिरफ्तार किया गया था।
वर्तमान में वे हजारीबाग के जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में बंद हैं। झारखंड में सिर्फ एक ही डिटेंशन सेंटर है, जो हजारीबाग में है। वह फारेन होल्डिंग कैंप के रूप में कार्यरत है।
सभी जिलों में लागू किया गया है एफआइपी
सभी 24 जिलों में फारेंनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल (एफआइपी) को लागू किया गया है। इसका सख्ती से अनुपालन का आदेश दिया गया है। इसके तहत विदेशी नागरिकों के बायोमीट्रिक व बायोग्राफिक डिटेल्स भरे जाने हैं।
इससे सभी विदेशी नागरिकों का पूरा ब्यौरा सभी जिलों में रहेगा, जो विदेशी नागरिकों के मामले में उनका वीजा-पासपोर्ट फेल होने के मामले में त्वरित कार्रवाई करने में मदद करेगा।
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